वैरेंग्टे, मिजोरम, 26 जुलाई: 27वें कारगिल विजय दिवस समारोहों के हिस्से के रूप में वैरेंग्टे स्थित काउंटर इन्सर्जेंसी एंड जंगल वारफेयर (सीआईजेडब्ल्यू) स्कूल ने एक व्यापक भूतपूर्व सैनिक संपर्क कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य भूतपूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों को सम्मानित करना था, साथ ही उनके कल्याण के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को दोहराना था।
इस कार्यक्रम में भूतपूर्व सैनिक, वीर नारियां और सेवारत सेना कर्मी एक साथ शामिल हुए। कई गतिविधियों के माध्यम से उनके योगदान और बलिदान को मान्यता दी गई। यह आयोजन उन लोगों के साथ भारतीय सेना के स्थायी संबंध को भी सामने लाया, जिन्होंने देश की सेवा विशिष्ट रूप से की है।
संपर्क कार्यक्रम का एक प्रमुख भाग भूतपूर्व सैनिकों के साथ संवाद सत्र था, जिसमें उन्हें सैन्य समुदाय से फिर जुड़ने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला। इस दौरान वीर नारियों को भी सम्मानित किया गया, ताकि उन सैनिक परिवारों के अत्यंत बड़े बलिदान को मान्यता दी जा सके, जिनके सदस्य राष्ट्र सेवा में प्राणों का बलिदान कर चुके हैं।
कार्यक्रम के तहत भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य और कल्याण को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा शिविर और दंत जांच का भी आयोजन किया गया। इस पहल से उपस्थित लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच मिली और सक्रिय सेवा के बाद भी सेना के निरंतर सहयोग का संदेश गया।
आइजोल स्थित ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक के प्रभारी अधिकारी ने एक जानकारीपूर्ण सत्र लिया। इसमें उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों को भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के तहत उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सा लाभों और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। सत्र में कई प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए, जिससे भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को उपलब्ध सहायता व्यवस्था को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिली।
काउंटर इन्सर्जेंसी एंड जंगल वारफेयर स्कूल के कमांडेंट मेजर जनरल कुलवीर सिंह ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया और भूतपूर्व सैनिकों की समर्पित सेवा तथा राष्ट्र के लिए उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने उनके परिवारों के अटूट समर्थन और बलिदान का भी उल्लेख किया तथा कहा कि उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के सैनिकों को प्रेरित करती रहेगी।
इस संपर्क कार्यक्रम ने भारतीय सेना और भूतपूर्व सैनिक समुदाय के बीच संबंधों को और मजबूत करने की उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाया। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि पूर्व सैनिक और शहीद सैनिकों के परिवार उस संस्था से जुड़े रहें, जिसकी उन्होंने कभी सेवा की थी।
कारगिल विजय दिवस 2026 समारोहों के तहत आयोजित इस पहल ने भारत के सैनिकों के बलिदान को याद रखने और भूतपूर्व सैनिकों तथा वीर नारियों के साथ सार्थक जुड़ाव के जरिए उनकी विरासत को संरक्षित करने के महत्व को रेखांकित किया।
विश्व के प्रमुख काउंटर-इन्सर्जेंसी और जंगल युद्ध प्रशिक्षण संस्थानों में से एक के रूप में प्रसिद्ध सीआईजेडब्ल्यू स्कूल ने न केवल संचालनात्मक उत्कृष्टता को, बल्कि भूतपूर्व सैनिक समुदाय के कल्याण और गरिमा के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी बनाए रखा है। यह संस्थान सुनिश्चित करता है कि उनकी सेवा और बलिदान को वह सम्मान मिले, जिसके वे अधिकारी हैं।