भारतीय वायु सेना ने स्क्वाड्रन लीडर नेहा के खारदुंग ला चैलेंज 72K में शानदार प्रदर्शन पर बधाई दी है। यह प्रतियोगिता भारत की सबसे कठिन ऊँचाई वाली अल्ट्रा दौड़ों में से एक मानी जाती है।
स्क्वाड्रन लीडर नेहा ने 72 किलोमीटर की इस कठिन चुनौती को 8 घंटे, 56 मिनट और 15 सेकंड में पूरा किया और प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल किया। उनका यह प्रदर्शन लगातार कठिन परिस्थितियों में बने रहने की क्षमता का भी परिचायक रहा।
इस उपलब्धि के साथ उन्होंने खारदुंग ला चैलेंज के इतिहास में एक अहम उपलब्धि दर्ज की। साढ़े नौ घंटे से कम समय में दौड़ पूरी कर स्क्वाड्रन लीडर नेहा इस आयोजन के सभी 13 संस्करणों में पहली गैर-लद्दाखी महिला बन गईं, जिन्होंने नौ घंटे की बाधा को तोड़ा।
खारदुंग ला चैलेंज अत्यधिक ऊँचाई वाली कठिन परिस्थितियों में आयोजित होता है, जहाँ हर किलोमीटर शारीरिक सहनशक्ति, मानसिक दृढ़ता और संकल्प की कड़ी परीक्षा लेता है। ऐसी परिस्थितियों में 72 किलोमीटर की दूरी पूरी करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
भारतीय वायु सेना ने स्क्वाड्रन लीडर नेहा के प्रदर्शन को सहनशक्ति का उल्लेखनीय उदाहरण बताया और इसे इस प्रतिष्ठित अल्ट्रा चुनौती के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि कहा।
उनकी यह सफलता और रिकॉर्ड समय में हासिल किया गया स्थान भारतीय वायु सेना के कर्मियों की व्यावसायिक जिम्मेदारियों से परे खेल भावना और उत्कृष्टता को भी सामने लाता है।
स्क्वाड्रन लीडर नेहा की यह उपलब्धि भारतीय सशस्त्र बलों के कर्मियों की कठिन सहनशक्ति और साहसिक खेलों में बढ़ती भागीदारी तथा सफलता की प्रेरक कड़ी के रूप में देखी जा रही है।