नई दिल्ली, 26 जुलाई: कमांडर अभय अमाले ने भारतीय नौसेना की आईएनएएस 313 का औपचारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने 24 जुलाई 2026 को आयोजित एक औपचारिक परेड में कमांडर चंद्रकांत फुलशे से यह जिम्मेदारी ली और प्रतिष्ठित नौसैनिक वायु स्क्वाड्रन के पांचवें कमांडिंग ऑफिसर बने।
यह कार्यभार ग्रहण समारोह आईएनएएस 313, जिसे “सी ईगल्स” के नाम से जाना जाता है, के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। इस अवसर ने नेतृत्व के सहज हस्तांतरण को दर्शाया और भारतीय नौसेना की पेशेवर क्षमता तथा परिचालन उत्कृष्टता की निरंतर परंपरा को रेखांकित किया।
कमांडर अभय अमाले नेशनल डिफेंस अकादमी, खडकवासला, और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन के पूर्व छात्र हैं। उनके साथ व्यापक पेशेवर अनुभव और नेतृत्व क्षमता जुड़ी हुई है, और उनकी नियुक्ति इस बात का संकेत है कि नौसेना को एक महत्वपूर्ण विमानन इकाई का नेतृत्व करने की उनकी क्षमता पर भरोसा है।
औपचारिक परेड पूर्ण नौसैनिक परंपरा के साथ आयोजित की गई, जिसमें आईएनएएस 313 के अधिकारियों और कर्मियों ने कमांडर चंद्रकांत फुलशे से औपचारिक रूप से कमान का हस्तांतरण होते देखा। फुलशे ने स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया।
ऐसे नेतृत्व परिवर्तन भारतीय नौसेना की कमान संरचना का अभिन्न हिस्सा हैं। इनसे परिचालन तैयारियों में निरंतरता, मिशन की प्रभावशीलता और भविष्य के सैन्य नेतृत्व के विकास को सुनिश्चित किया जाता है।
आईएनएएस 313, जिसे “सी ईगल्स” के नाम से भी पहचाना जाता है, भारतीय नौसेना की समुद्री विमानन क्षमता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है। यह स्क्वाड्रन समुद्री सुरक्षा उद्देश्यों के समर्थन में परिचालन तैयारी, प्रशिक्षण और मिशन निष्पादन के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
कमांडर अभय अमाले के कार्यभार संभालने के साथ आईएनएएस 313 के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। स्क्वाड्रन अब भी भारत के समुद्री हितों की रक्षा और समुद्री क्षेत्र में भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमताओं को और मजबूत करने के अपने मिशन पर आगे बढ़ रही है।