श्रीलंका सेना के 22 अधिकारियों ने 25 जुलाई 2026 को मिलिट्री इंटेलिजेंस ट्रेनिंग स्कूल एंड डिपो (एमआईएनटीएसडी) में आयोजित टेलर मेड इंटेलिजेंस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया। इस उपलब्धि ने भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा सहयोग तथा पेशेवर सैन्य संबंधों को और मजबूत किया है।
यह विशेष पाठ्यक्रम आधुनिक सैन्य खुफिया के क्षेत्र में प्रतिभागियों की विशेषज्ञता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया था। इसमें उन्हें खुफिया कार्यपद्धति, विश्लेषणात्मक पद्धतियों और परिचालन खुफिया प्रक्रियाओं का उन्नत ज्ञान दिया गया। यह कार्यक्रम मित्र विदेशी देशों के अधिकारियों के लिए क्षमता निर्माण और पेशेवर सैन्य शिक्षा के प्रति भारतीय सेना की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
प्रशिक्षण के दौरान श्रीलंकाई अधिकारियों को खुफिया कार्यपद्धति और खुफिया विश्लेषण की व्यापक शिक्षा दी गई। पाठ्यक्रम में विश्लेषणात्मक कौशल, खुफिया जुटाने की तकनीकों, आकलन पद्धतियों और समकालीन परिचालन परिवेश में सैन्य खुफिया के व्यावहारिक उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया।
इस तरह का प्रशिक्षण अधिकारियों को बदलती सुरक्षा चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने और सैन्य अभियानों के दौरान निर्णय लेने की क्षमता को सुधारने में मदद करता है। मिलिट्री इंटेलिजेंस ट्रेनिंग स्कूल एंड डिपो ने न केवल भारतीय सेना के कर्मियों, बल्कि साझेदार देशों के अधिकारियों के लिए भी सैन्य खुफिया शिक्षा के प्रमुख संस्थान के रूप में अपनी पहचान बनाई है।
वर्षों से इस संस्थान ने उत्कृष्टता केंद्र के रूप में पहचान अर्जित की है और भारत की रक्षा कूटनीति के तहत मित्र विदेशी देशों के लिए नियमित रूप से विशेष खुफिया पाठ्यक्रम आयोजित करता रहा है। सहयोगी और साझेदार देशों के अधिकारियों की मेजबानी करके यह संस्थान परस्पर संचालन क्षमता बढ़ाने, आपसी समझ विकसित करने और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में अहम योगदान देता है।
यह प्रशिक्षण विभिन्न देशों के सैन्य पेशेवरों को अनुभव साझा करने, श्रेष्ठ पद्धतियों का आदान-प्रदान करने और स्थायी पेशेवर नेटवर्क बनाने का अवसर भी देता है। पाठ्यक्रम के सफल समापन के अवसर पर सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता लेफ्टिनेंट जनरल देविंदर पाल सिंह, एवीएसएम, एसएम, कमांडेंट, मिलिट्री इंटेलिजेंस ट्रेनिंग स्कूल एंड डिपो ने की।
कमांडेंट ने स्नातक अधिकारियों को उनके कठिन कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने पर बधाई दी और प्रशिक्षण के दौरान उनके समर्पण की सराहना की। समारोह में पाठ्यक्रम के उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वालों को भी उनके प्रदर्शन और प्रतिबद्धता के लिए सम्मानित किया गया।
भारत लगातार सैन्य प्रशिक्षण सहयोग को मित्र देशों के साथ अपने रक्षा संबंधों के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में महत्व देता रहा है। अपने प्रमुख सैन्य संस्थानों में आयोजित विशेष पाठ्यक्रमों के माध्यम से भारतीय सशस्त्र बल खुफिया, आतंकवाद-रोधी अभियान, नेतृत्व, रसद, साइबर अभियानों और शांति स्थापना सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता साझा करते रहे हैं।
मिलिट्री इंटेलिजेंस ट्रेनिंग स्कूल एंड डिपो से 22 श्रीलंकाई सेना अधिकारियों का स्नातक होना भारत-श्रीलंका रक्षा साझेदारी की बढ़ती मजबूती को दर्शाता है। यह क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को पेशेवर सैन्य शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाने में भारत की निरंतर भूमिका को भी रेखांकित करता है।