केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के महानिदेशक श्री प्रवीर रंजन ने विशाखापत्तनम में सीआईएसएफ इकाई वीएसपी और सीआईएसएफ इकाई वीपीए का दौरा कर सुरक्षा तैयारियों, प्रशिक्षण मानकों और कल्याण से जुड़ी पहलों की समीक्षा की।
इस दौरान उनके साथ वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें सुश्री बिनीता ठाकुर, एडीजी/एपीएस; श्री एस आर सरावणन, आईजी/एपीएस-2; श्री एस एस मिश्रा, आईजी/दक्षिण सेक्टर; श्री एम जी ऋषवेंद्र कुमार, डीआईजी/एपीएसजेड; श्री संतोष सिंह, डीआईजी/एसजेड-2; और श्री सुधीर कुमार, डीआईजी/प्रधान स्टाफ अधिकारी to DG/CISF शामिल थे।
सीआईएसएफ इकाई वीएसपी के दौरे के दौरान श्री प्रवीर रंजन को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के साथ चर्चा की और महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठान में सुरक्षा व्यवस्थाओं तथा परिचालन आवश्यकताओं की जानकारी के लिए इस्पात संयंत्र का भी दौरा किया।
महानिदेशक ने एक वृक्षारोपण अभियान में भी भाग लिया और बल की मूल सुरक्षा जिम्मेदारियों के साथ पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के महत्व को रेखांकित किया।
सीआईएसएफ इकाई वीपीए विशाखापत्तनम में उन्होंने बंदरगाह सुरक्षा पाठ्यक्रम के प्रशिक्षण की समीक्षा की और बंदरगाह के प्रमुख क्षेत्रों का निरीक्षण कर वहां मौजूद सुरक्षा तैयारियों और परिचालन व्यवस्थाओं का आकलन किया।
उन्होंने विशाखापत्तनम बंदरगाह प्राधिकरण के प्रबंधन, वरिष्ठ सीआईएसएफ अधिकारियों, पोर्ट फैसिलिटी सिक्योरिटी असेसमेंट टीम और विशाखापत्तनम में तैनात इकाई कमांडरों से भी बातचीत की। इन चर्चाओं का उद्देश्य समन्वय को मजबूत करना और महत्वपूर्ण बंदरगाह अवसंरचना की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
दौरे के दौरान श्री प्रवीर रंजन ने विशाखापत्तनम में तैनात सीआईएसएफ इकाइयों की संयुक्त सैनिक सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा ड्यूटी निभाते समय पेशेवर आचरण, अनुशासन और जिम्मेदारी की मजबूत भावना के महत्व पर बल दिया।
महानिदेशक ने निरंतर कौशल विकास और प्रौद्योगिकी उन्नयन की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि कर्मी उभरती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहें। उन्होंने कार्यात्मक पुनर्संरेखण के महत्व को भी रेखांकित किया, जिससे परिचालन प्रभावशीलता बढ़े और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।
उन्होंने सीआईएसएफ में महिला कर्मियों की बढ़ती भूमिका और योगदान पर भी बल दिया तथा बल को प्रोत्साहित किया कि महिलाओं को परिचालन और संगठनात्मक भूमिकाओं में अधिक जिम्मेदारियां लेने के अवसर लगातार दिए जाएं।
बातचीत के दौरान कर्मियों के कल्याण पर भी विशेष ध्यान दिया गया। महानिदेशक ने कर्मियों को मद्यपान, आर्थिक संकट और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया तथा उन्हें शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने और जिम्मेदार व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक व्यवहार अपनाने की सलाह दी।
यह दौरा इस बात की पुष्टि करता है कि सीआईएसएफ नेतृत्व रणनीतिक औद्योगिक और बंदरगाह प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने के साथ-साथ पेशेवर विकास, प्रौद्योगिकी अपनाने और अपने कर्मियों के समग्र कल्याण पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है।