राजस्थान के सीकर जिले में छुट्टी पर आए भारतीय सेना के एक जवान को सोमवार रात कोचिंग से घर लौटते समय अगवा कर लिया गया था। बाद में पुलिस ने उसे पड़ोसी करौली जिले से सकुशल बरामद कर लिया।
जवान की पहचान 32 वर्षीय श्रीराम सिहाग के रूप में हुई है, जो खंडेला थाना क्षेत्र के केरपुरा गांव के निवासी हैं। वह 2013 में सेना में भर्ती हुए थे और इस समय पंजाब में तैनात थे। वह पिछले तीन से चार महीने से छुट्टी पर थे और उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए खंडेला कोचिंग करने जाते थे।
पुलिस के अनुसार, घटना सोमवार रात करीब 8 बजे केरपुरा बस स्टैंड के पास हुई। सिहाग रानोली से मोटरसाइकिल पर लौट रहे थे, तभी कार में सवार पांच से छह अज्ञात लोगों ने उन्हें रोका, मोटरसाइकिल से उतारा और वाहन में बैठाकर ले गए। उनकी मोटरसाइकिल और हेलमेट घटनास्थल पर ही पड़े मिले।
स्थानीय लोगों ने परिवार को सूचना दी, जिसके बाद परिजन करीब 10 बजे पुलिस के पास पहुंचे। उनके भाई शेर सिंह ने खंडेला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
रात करीब 11:46 बजे सिहाग की पत्नी को उनके मोबाइल फोन से कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि जवान सुरक्षित है और 10 लाख रुपये की मांग की। उसने कथित तौर पर कहा, “श्रीराम हमारे पास सुरक्षित है। हम बैंक विवरण भेजेंगे। उस खाते में 10 लाख रुपये ट्रांसफर कर दो,” और फिर फोन काट दिया।
खंडेला थानाधिकारी सुरेंद्र देवगड़ा ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, जिले भर में नाके लगाए और परिवार से संभावित कारणों को लेकर पूछताछ की। जांच के दौरान जवान की पत्नी ने करौली जिले में पहले की तैनाती के दौरान एक साथी जवान से हुए वित्तीय विवाद की जानकारी दी। इसी सुराग पर पुलिस टीम करौली भेजी गई।
मंगलवार शाम पुलिस ने सिहाग का पता करौली जिले के सपोटरा में लगाया और उन्हें खंडेला वापस ले आई। परिवार ने बताया कि सुरक्षित मिलने के बाद उन्हें राहत मिली। अधिकारियों ने कहा कि जवान का बयान दर्ज होने के बाद ही मामले की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। शुरुआती रिपोर्ट में किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई थी और जांच जारी है।
पुलिस कथित धन विवाद और जवान को रोकने वाले लोगों की पहचान की जांच कर रही है। परिवार की ओर से अपहरण की सूचना मिलने के बाद सोमवार रात कई टीमों ने इलाके में तलाश की थी, और बाद में परिजनों से मिले करौली के सुराग के आधार पर बरामदगी की गई।