वायुसेना प्रमुख-नामित एयर मार्शल अशुतोष दीक्षित ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। यह मुलाकात सरकार द्वारा उन्हें अगला वायुसेना प्रमुख नियुक्त किए जाने के एक दिन बाद हुई।
बैठक के दौरान रक्षा मंत्री ने एयर मार्शल दीक्षित को उनकी नियुक्ति पर बधाई दी और भारतीय वायु सेना के शीर्ष पर उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
सरकार ने 6 अक्टूबर को एयर मार्शल अशुतोष दीक्षित, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम, वीएसएम, को भारतीय वायु सेना का 29वां प्रमुख नियुक्त किया था। वे एयर चीफ मार्शल का पदभार ग्रहण करेंगे और 31 अक्टूबर 2026 की दोपहर से वायुसेना प्रमुख का कार्यभार संभालेंगे। वे एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का स्थान लेंगे, जो उसी दिन सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
एयर मार्शल दीक्षित इस समय वायुसेना उप प्रमुख के पद पर कार्यरत हैं, जिसका दायित्व उन्होंने 1 जुलाई 2026 को संभाला था। 9 दिसंबर 1966 को जन्मे दीक्षित को 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायु सेना के लड़ाकू धारा में कमीशन मिला था और उन्होंने लगभग चार दशक की सैन्य सेवा पूरी की है।
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, बांग्लादेश के रक्षा सेवा कमान एवं स्टाफ महाविद्यालय और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के पूर्व छात्र एयर मार्शल दीक्षित प्रायोगिक परीक्षण पायलट और योग्य उड़ान प्रशिक्षक हैं। उनके पास 3,500 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव है और उन्होंने मिराज 2000, मिग के विभिन्न संस्करणों, जगुआर, हॉक, तेजस, किरण और आईएल-78 सहित कई विमानों पर उड़ान भरी है।
अपने परिचालन करियर के दौरान उन्होंने ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक, कोप इंडिया और ऑपरेशन सिंदूर सहित कई प्रमुख अभियानों और अभ्यासों में भाग लिया। नंबर 9 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर रहते हुए उन्होंने उसे मिराज 2000 से पुनः सुसज्जित भी किया।
एयर मार्शल दीक्षित ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण कमान और स्टाफ पद संभाले हैं। उन्होंने पश्चिमी क्षेत्र के एक अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू वायुसेना अड्डे और दक्षिणी क्षेत्र के एक प्रमुख लड़ाकू प्रशिक्षण अड्डे की कमान संभाली। इसके अलावा वे वायुसेना परीक्षण पायलट स्कूल में डायरेक्टिंग स्टाफ, प्रधान निदेशक वायुसेना स्टाफ आवश्यकता, दक्षिणी वायु कमान के वायु रक्षा कमांडर, सहायक वायुसेना प्रमुख (परियोजनाएं), सहायक वायुसेना प्रमुख (योजनाएं), दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान में वरिष्ठ वायु स्टाफ अधिकारी और उप वायुसेना प्रमुख भी रहे हैं।
वायुसेना उप प्रमुख बनने से पहले उन्होंने केंद्रीय वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ और बाद में मुख्यालय एकीकृत रक्षा सेवा में चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ टू द चेयरमैन, चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के रूप में भी सेवाएं दीं। त्रि-सेवा पद पर रहते हुए वे सशस्त्र बलों के बीच संयुक्तता और एकीकरण को मजबूत करने की पहलों से जुड़े रहे।
उनकी विशिष्ट सेवा के लिए एयर मार्शल दीक्षित को 2006 में वायु सेना मेडल, 2011 में विशिष्ट सेवा पदक, 2023 में अति विशिष्ट सेवा पदक और 2026 में परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया।
रक्षा मंत्री से उनकी यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब वे अक्टूबर के अंत में भारतीय वायु सेना की कमान संभालने की तैयारी कर रहे हैं। वे एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का स्थान लेते हुए बल के 29वें प्रमुख बनेंगे।