बेंगलुरु में 18 सितंबर 2026 को भारतीय सेना की दक्षिणी कमान के अंतर्गत आने वाले आर्मी पब्लिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों की बैठक आयोजित की गई। इस अवसर ने शिक्षा मानकों को मजबूत करने और भावी पीढ़ियों के निर्माण पर चर्चा के लिए एक मंच उपलब्ध कराया।
इस बैठक में लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर, एवीएसएम, वीएसएम, सेना कमांडर, दक्षिणी कमान ने भाग लिया और आर्मी पब्लिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों से बातचीत की। चर्चा का केंद्र शिक्षा संस्थानों की बदलती भूमिका रही, ताकि विद्यार्थियों को जिम्मेदार, आत्मविश्वासी और मूल्य-आधारित नागरिक के रूप में तैयार किया जा सके।
समारोह को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने राष्ट्र-निर्माण में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक उपलब्धि के साथ समग्र विकास, चरित्र निर्माण और मूल्य-आधारित शिक्षा भी आवश्यक है, ताकि छात्र भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
सेना कमांडर ने आर्मी पब्लिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों के समर्पण तथा प्रतिबद्धता की भी सराहना की। उन्होंने उच्च शैक्षणिक मानक बनाए रखने और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
यह बैठक स्कूल नेतृत्व के लिए विचारों के आदान-प्रदान, शैक्षणिक पद्धतियों पर चर्चा और दक्षिणी कमान के अंतर्गत आने वाले आर्मी पब्लिक स्कूलों में शिक्षण तथा अधिगम की गुणवत्ता और बेहतर करने के उपायों पर विचार-विमर्श का अवसर बनी।
इस पहल से दक्षिणी कमान की “मन को संवारना, चरित्र का निर्माण” पर केंद्रित सोच भी झलकी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक रूप से ही नहीं, बल्कि मजबूत मूल्यों, नेतृत्व गुणों और समाज की सेवा की भावना से भी सशक्त बनाना है।