सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की परियोजना हीरक की कमान अब श्री एमएल कोम, मुख्य अभियंता, ने संभाल ली है। उन्होंने श्री आरएस राव, मुख्य अभियंता, विशिष्ट सैन्य सेवा पदक, का स्थान लिया है।
तनकपुर मुख्यालय वाली यह परियोजना उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र और छत्तीसगढ़ के वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में रणनीतिक सड़क ढांचे के निर्माण, रखरखाव और उन्नयन की जिम्मेदारी निभाती है।
यह परियोजना कठिन और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण इलाकों में रणनीतिक संपर्क को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है। इसकी सड़क अवसंरचना से आवाजाही, पहुंच और संचालनात्मक तैयारी में सुधार होता है, साथ ही दूरदराज़ क्षेत्रों में कर्मियों, उपकरणों और आवश्यक सामग्री की आवाजाही भी सुगम होती है।
कमान संभालना परियोजना हीरक के लिए एक नए चरण की शुरुआत है, जिसमें श्री एमएल कोम अपने विविध कार्यक्षेत्रों में अवसंरचना विकास और रखरखाव की जिम्मेदारियों को आगे बढ़ाएंगे।
कमान ग्रहण करने के बाद श्री एमएल कोम ने गुणवत्तापूर्ण अवसंरचना, पेशेवर उत्कृष्टता और सौंपे गए कार्यों के समय पर निष्पादन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सीमा सड़क संगठन से जुड़ी उच्च मानकों को बनाए रखने और अपने पूर्ववर्ती द्वारा स्थापित विरासत को आगे बढ़ाने के महत्व पर भी बल दिया।
परियोजना हीरक की जिम्मेदारियां केवल सामान्य सड़क निर्माण तक सीमित नहीं हैं। इसका कार्य रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण और दुर्गम क्षेत्रों में संपर्क को मजबूत करने के व्यापक उद्देश्य में योगदान देता है। विश्वसनीय सड़क अवसंरचना से आवाजाही बेहतर होती है और दूरस्थ क्षेत्रों तक तेजी से पहुंच संभव होती है।
उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में इस परियोजना का कार्य विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां हिमालयी भूभाग कठिन है और सीमावर्ती क्षेत्रों में भरोसेमंद संपर्क बनाए रखना आवश्यक है। छत्तीसगढ़ में इसकी अवसंरचना गतिविधियां वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क सुधारने में योगदान देती हैं।
कमान में यह बदलाव सीमा सड़क संगठन के पेशेवर नेतृत्व, अवसंरचना विकास और रणनीतिक संपर्क परियोजनाओं के समय पर निष्पादन पर निरंतर ध्यान को दर्शाता है। श्री एमएल कोम के नेतृत्व में परियोजना हीरक के अपने अधिकार क्षेत्र के क्षेत्रों की सड़क अवसंरचना को मजबूत करने और संचालनात्मक तथा विकासात्मक जरूरतों को समर्थन देने का कार्य जारी रखने की उम्मीद है।
सीमा सड़क संगठन चुनौतीपूर्ण भूभाग में अवसंरचना विकास का कार्य राष्ट्रीय सुरक्षा, संपर्क और राष्ट्र-निर्माण में अपने व्यापक योगदान के हिस्से के रूप में करता आ रहा है।
नई नेतृत्व टीम संगठन की मार्गदर्शक भावना “श्रमेण सर्वं साध्यम्” को आगे बढ़ाएगी, जिसका अर्थ है कि परिश्रम से सब कुछ संभव है।