दक्षिणी कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर, एवीएसएम, वीएसएम ने राष्ट्रीय सैन्य विद्यालय, अजमेर का दौरा किया और संस्थान की शैक्षणिक, प्रशिक्षण तथा कैडेट विकास पहलों की समीक्षा की।
दौरे के दौरान सेना कमांडर को इस प्रतिष्ठित सैन्य विद्यालय के समग्र कामकाज की जानकारी दी गई। यह विद्यालय अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्र सेवा की मजबूत नींव तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।
लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने राष्ट्रीय सैन्य विद्यालय, अजमेर में चल रही विभिन्न शैक्षणिक और प्रशिक्षण पहलों के साथ-साथ कैडेटों के सर्वांगीण विकास से जुड़े कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। उन्होंने विद्यालय की आधारभूत संरचना की जरूरतों का आकलन किया और शिक्षण तथा प्रशिक्षण वातावरण को और मजबूत करने के लिए उठाए जा रहे कदमों को भी देखा।
कैडेटों से बातचीत के दौरान सेना कमांडर ने उत्कृष्टता हासिल करने के लिए आत्म-अनुशासन, धैर्य और आलोचनात्मक सोच के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने उन्हें अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहने और जिम्मेदार नेता बनने के लिए आवश्यक गुणों को लगातार विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कैडेटों से राष्ट्र सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखने और भविष्य के नेता के रूप में देश के लिए सार्थक योगदान देने का भी आह्वान किया।
राष्ट्रीय सैन्य विद्यालय, अजमेर भारत के प्रमुख सैन्य विद्यालयों में शामिल है। यह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण, अनुशासन और नेतृत्व विकास पर ध्यान केंद्रित करता है, ताकि छात्र भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए तैयार हो सकें, जिनमें सशस्त्र बलों में करियर भी शामिल है।
इस दौरे ने दक्षिणी कमान की सैन्य-उन्मुख शिक्षा की नींव को मजबूत करने और अनुशासित तथा सक्षम नेतृत्व की अगली पीढ़ी को तैयार करने पर उसके जोर को रेखांकित किया।