जोशीमठ, उत्तराखंड, 28 अक्टूबर 2026: आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (आवा) की अध्यक्ष कोमल सेठ ने जोशीमठ में सैन्य परिवारों से मुलाकात की। बातचीत में महिलाओं को सशक्त बनाने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने और आजीविका के स्थायी अवसर तैयार करने पर जोर रहा।
दौरे के दौरान उन्होंने सैन्य परिवारों की ओर से लगाए गए स्टॉल देखे। इनमें महिलाओं के कौशल और रचनात्मकता पर आधारित उद्यमों को प्रदर्शित किया गया था। ये महिलाएं अपने काम के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दे रही हैं।
प्रदर्शित पहलों का केंद्र व्यावसायिक कौशल निखारना, छोटे कारोबार को प्रोत्साहन देना और नियमित आय के साधन विकसित करना था। सैन्य परिवारों ने अपने उत्पाद दिखाए और उद्यम शुरू करने से जुड़े अनुभव व उपलब्धियां साझा कीं।
कोमल सेठ ने परिवारों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने महिलाओं को कौशल विकसित करने और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने के अवसर देने की अहमियत पर बल दिया। आवा सैन्य परिवारों के लिए कौशल विकास, उद्यमिता और सामुदायिक कल्याण से जुड़ी पहल चलाता है।

क्षेत्र के दौरे के दौरान कोमल सेठ भारत-चीन सीमा के पास स्थित माणा गांव भी गईं। वहां उन्होंने ‘यार्न्स ऑफ योर’ आउटलेट पर स्थानीय महिला कारीगरों से बातचीत की।

यह आउटलेट हिमालयी क्षेत्र की पारंपरिक बुनाई तकनीकों को बढ़ावा देता है। इसके जरिए स्थानीय महिला कारीगरों को उद्यमिता और टिकाऊ आय के अवसरों से जोड़ा जाता है। पहल का उद्देश्य क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद करना है।

कारीगरों के साथ बातचीत में दूरदराज के हिमालयी समुदायों की आजीविका में पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय उद्यमों की भूमिका पर भी ध्यान दिया गया।