नई दिल्ली, 28 अक्टूबर 2026: केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025–26 के लिए पात्र सरकारी कर्मचारियों को 30 दिन के परिलब्धियों के बराबर तदर्थ बोनस देने की मंजूरी दी है। इसके दायरे में सशस्त्र बलों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के पात्र कर्मचारी भी शामिल हैं। तय गणना सीमा के तहत पूरे वर्ष का अधिकतम बोनस ₹6,908 होगा।
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 15 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में कार्यालय ज्ञापन जारी किया था। इसके मुताबिक, राष्ट्रपति ने केंद्र सरकार के पात्र समूह ‘ग’ और अराजपत्रित समूह ‘ख’ कर्मचारियों के लिए इस भुगतान को मंजूरी दी है। यह उत्पादकता से असंबद्ध बोनस है और उन कर्मचारियों के लिए है जो किसी उत्पादकता से जुड़े बोनस यानी पीएलबी योजना के दायरे में नहीं आते।
₹6,908 की राशि कैसे तय होगी?
बोनस की गणना के लिए मासिक परिलब्धियों की अधिकतम सीमा ₹7,000 रखी गई है। निर्धारित फॉर्मूले में ₹7,000 को 30 से गुणा करके 30.4 से भाग दिया जाता है। इससे राशि ₹6,907.89 आती है, जिसे पूर्णांक में ₹6,908 किया गया है।
गणना के लिए जिन पात्र कर्मचारियों की औसत मासिक परिलब्धियां ₹7,000 या उससे अधिक हैं, उन्हें पूरे वर्ष की पात्र सेवा पर ₹6,908 मिल सकते हैं। इससे कम औसत परिलब्धियों या पूरे वर्ष से कम पात्र सेवा वाले कर्मचारियों की बोनस राशि कम होगी। यह भुगतान नियमित मासिक वेतन से अलग होगा।
सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों में किसे मिलेगा लाभ?
ज्ञापन में सशस्त्र बलों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के पात्र कर्मचारियों को बोनस देने का स्पष्ट प्रावधान है। हालांकि, इसमें रैंक या बल के आधार पर लाभार्थियों की सूची नहीं दी गई है। पात्रता संबंधित कर्मचारी श्रेणी, सेवा शर्तों और किसी अन्य उत्पादकता से जुड़ी बोनस योजना के दायरे में आने या न आने पर निर्भर करेगी।
इसलिए इसे हर सैनिक, अधिकारी या अर्धसैनिक कर्मचारी के लिए बोनस की घोषणा नहीं माना जाना चाहिए। वास्तविक पात्रता सरकारी आदेश की शर्तों और संबंधित विभागीय नियमों के अनुसार तय होगी।
कम से कम छह महीने की लगातार सेवा जरूरी
सामान्य पात्रता शर्त के अनुसार, कर्मचारी ने वित्त वर्ष 2025–26 में कम से कम छह महीने की लगातार सेवा पूरी की हो और वह 31 मार्च 2026 को सेवा में रहा हो। ज्ञापन में कुछ मामलों के लिए इस शर्त से अपवाद भी दिए गए हैं।
छह महीने या उससे अधिक, लेकिन पूरे वर्ष से कम पात्र सेवा वाले कर्मचारियों को सेवा अवधि के अनुपात में बोनस मिलेगा। उदाहरण के लिए, अन्य शर्तें पूरी करने वाले छह महीने की पात्र सेवा वाले कर्मचारी को पूरे वर्ष के बोनस का लगभग आधा मिलेगा। पात्र सेवा की अवधि लगातार सेवा के महीनों के आधार पर निकाली जाएगी और उसे निकटतम महीने में पूर्णांकित किया जाएगा।
सेवानिवृत्त और दिवंगत कर्मचारियों के लिए प्रावधान
31 मार्च 2026 से पहले निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु पूरी होने पर सेवानिवृत्त हुए, चिकित्सकीय आधार पर सेवा के लिए अयोग्य होने के कारण सेवानिवृत्त हुए या दिवंगत हुए कर्मचारियों के मामलों में भी अनुपातिक बोनस का प्रावधान है। इसके लिए संबंधित कर्मचारी ने वित्त वर्ष के दौरान कम से कम छह महीने की नियमित सेवा पूरी की हो।
हालांकि, 31 मार्च 2026 से पहले इस्तीफा देने वाले कर्मचारी इस विशेष छूट के दायरे में नहीं आते।
आकस्मिक मजदूरों को भी मिलेगा बोनस
सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले पात्र आकस्मिक मजदूरों को भी आदेश के तहत लाभ मिलेगा। सप्ताह में छह दिन काम करने वाले कार्यालयों में इसके लिए तीन वर्ष या उससे अधिक अवधि तक हर वर्ष कम से कम 240 दिन काम करना जरूरी है। पांच दिन के कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में यह शर्त हर वर्ष कम से कम 206 दिन की है।
पात्र आकस्मिक मजदूरों के लिए ₹1,200 की निर्धारित मासिक राशि के आधार पर बोनस ₹1,184 बनता है। लागू मासिक परिलब्धियां ₹1,200 से कम होने पर वास्तविक भुगतान भी कम हो सकता है।
छुट्टी, तबादले और प्रतिनियुक्ति के नियम
ज्ञापन में छुट्टी, निलंबन, प्रतिनियुक्ति और सरकारी विभागों के बीच तबादले के मामलों के लिए भी नियम दिए गए हैं। कुछ प्रकार की छुट्टियों को पात्र सेवा में गिना जा सकता है। हालांकि, बिना वेतन की असाधारण छुट्टी और ऐसी अनुपस्थिति जिसे सेवा अवधि में नहीं गिना जाता, यानी ‘डाइज नॉन’, सामान्यतः गणना से बाहर रहेंगी।
बिना सेवा में अंतराल के एक पात्र केंद्रीय सरकारी विभाग से दूसरे में स्थानांतरित कर्मचारियों की संयुक्त सेवा को पात्रता तय करने में गिना जा सकता है। प्रतिनियुक्ति के लिए भी अलग प्रावधान हैं, जिनमें कुछ मामलों में बोनस भुगतान की जिम्मेदारी उस संगठन की होगी जहां कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत है।
भुगतान की तारीख अभी तय नहीं
बोनस का खर्च संबंधित मंत्रालयों और विभागों के वित्त वर्ष 2026–27 के स्वीकृत बजट आवंटन से पूरा किया जाएगा। ज्ञापन में सभी कर्मचारियों के लिए भुगतान की कोई एक तारीख नहीं दी गई है। राशि मिलने का समय संबंधित मंत्रालय, विभाग और प्राधिकरण की ओर से आदेश लागू किए जाने पर निर्भर करेगा।
पात्रता की विस्तृत शर्तें और गणना की प्रक्रिया 15 अक्टूबर 2026 को फाइल संख्या 7/24/2007-E.III(A) के तहत जारी कार्यालय ज्ञापन में दी गई हैं। वित्त मंत्रालय ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को इन्हीं शर्तों और वित्तीय प्रावधानों के अनुसार आदेश लागू करने का निर्देश दिया है।