नई दिल्ली, 28 अक्टूबर 2026: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत में 3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इससे दोनों की दर 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगी। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने इसे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए प्रधानमंत्री की ओर से “दिवाली का तोहफा” बताया। वैष्णव ने कहा कि इस बढ़ोतरी का उद्देश्य त्योहारों के मौसम से पहले बढ़ती कीमतों की भरपाई करना है।
इस फैसले से करीब 48.54 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68.71 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। कुल लाभार्थियों की संख्या 1.17 करोड़ से अधिक है। सरकारी खजाने पर इसका सालाना अतिरिक्त भार 10,016.10 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। बढ़ोतरी जुलाई से प्रभावी होने के कारण पात्र कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बीच के महीनों का बकाया भी मिलेगा। इसका भुगतान आगामी वेतन या पेंशन के साथ होने की उम्मीद है।
महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में यह संशोधन सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित स्वीकृत फॉर्मूले के तहत किया गया है। यह औद्योगिक श्रमिकों के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में बदलाव से जुड़ा है। पिछली बढ़ोतरी में दोनों दरें 1 जनवरी 2026 से बढ़ाकर 60 प्रतिशत की गई थीं।
पुराने वेतन ढांचे के तहत आने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए भी बढ़ोतरी मंजूर की गई है। छठे केंद्रीय वेतन आयोग के वेतनमानों के तहत महंगाई भत्ते और राहत की दर 7 प्रतिशत अंक बढ़कर 262 प्रतिशत से 269 प्रतिशत हो जाएगी। पांचवें केंद्रीय वेतन आयोग के वेतनमानों में यह दर 14 प्रतिशत अंक बढ़कर 483 प्रतिशत से 497 प्रतिशत होगी। ये दरें भी 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी।
सातवें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों को हर महीने मूल वेतन के 3 प्रतिशत के बराबर अतिरिक्त राशि मिलेगी। मसलन, 18,000 रुपये मूल वेतन वाले कर्मचारी का महंगाई भत्ता हर महीने 540 रुपये बढ़ेगा। इसी तरह 20,000 रुपये मूल पेंशन पाने वाले पेंशनभोगी को महंगाई राहत के रूप में हर महीने 600 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। संशोधित दरें जुलाई से दिसंबर 2026 की अवधि के लिए अगले निर्धारित संशोधन तक लागू रहेंगी।
महंगाई से जुड़े भत्तों में यह नियमित संशोधन कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की क्रय शक्ति बनाए रखने के लिए किया जाता है। यह घोषणा दिवाली से पहले हुई है, जो इस वर्ष 8 नवंबर को मनाए जाने की उम्मीद है।