नई दिल्ली, 6 नवंबर 2026: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने अपने जवानों और अधिकारियों के लिए डिजिटल पैटर्न वाली नई हल्की फील्ड कॉम्बैट ड्रेस (एलएफसीडी) लागू करने की प्रक्रिया शुरू की है। पुरानी वर्दी से पूरी तरह बदलाव के लिए 1 अक्टूबर 2028 तक का समय तय किया गया है।
सीआईएसएफ के करीब 2 लाख कर्मी इस दो साल की संक्रमण अवधि में पुरानी पैटर्न वाली वर्दी पहन सकते हैं। देशभर के हवाई अड्डों, दिल्ली मेट्रो और सरकारी इमारतों जैसी अहम जगहों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले बल ने इस संबंध में सितंबर में आंतरिक परिपत्र जारी किया था।
नई एलएफसीडी के कपड़े में अब 80 प्रतिशत सूती और 20 प्रतिशत पॉलिएस्टर होगा। पुरानी वर्दी के कपड़े में दोनों की मात्रा बराबर थी। परिपत्र में यूनिट कमांडरों को कर्मियों के बीच नए कपड़े के बारे में जानकारी देने और खुले बाजार से इसकी खरीद पर रोक के बारे में जागरूकता फैलाने को कहा गया है।
कर्मियों को एलएफसीडी का कपड़ा केवल सीआईएसएफ से जारी होने पर या अधिकृत केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार (केपीकेबी) से लेना होगा। गृह मंत्रालय के तहत चलने वाला यह कल्याण और कैंटीन नेटवर्क जरूरी सामान रियायती दरों पर उपलब्ध कराता है।
इस बदलाव को सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने मंजूरी दी है। 1993 बैच के एजीएमयूटी कैडर के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी रंजन ने 30 सितंबर 2025 को बल प्रमुख का पद संभाला था। उन्होंने राजविंदर सिंह भट्टी की जगह ली थी।
नई वर्दी पर जाने की प्रक्रिया के तहत सभी जोनल स्टोर, भर्ती प्रशिक्षण केंद्रों और इकाइयों को पात्र कर्मियों को पुरानी पैटर्न का कपड़ा जारी करने और उसका मौजूदा भंडार खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं। सेक्टर मुख्यालयों को परिपत्र जारी होने के 15 दिनों के भीतर इस संबंध में प्रमाणपत्र देना होगा।
अब सार्वजनिक खरीद की प्रक्रिया के तहत एलएफसीडी का कपड़ा केवल नए डिजिटल पैटर्न के लिए खरीदा जाएगा। नई वर्दी का कपड़ा कर्मियों को तभी जारी होगा, जब उन्हें पहले दिया गया कपड़ा अपनी निर्धारित उपयोग अवधि पूरी कर लेगा। परिपत्र में कहा गया है कि पुरानी वर्दी की अवधि बाकी होने पर किसी भी कर्मी को नया डिजिटल पैटर्न वाला कपड़ा जारी नहीं किया जाएगा।
वर्दी के रंग और पैटर्न में बदलाव के साथ उससे जुड़ी कई वस्तुओं के रंग भी बदले गए हैं। वरिष्ठ कमांडेंट और उससे ऊपर के अधिकारियों की नेवी ब्लू बेरेट टोपी तथा सिख कर्मियों की खाकी पगड़ी में बदलाव होगा। मंकी कैप, नेमप्लेट, टाइटल शोल्डर बैज, स्टार और रैंक, गॉर्जेट पैच, बेल्ट, जूते और पायजामे के निचले हिस्से में बांधने वाली पट्टियों के रंग भी संशोधित किए गए हैं।
बल मुख्यालय, सेक्टर मुख्यालय, जोनल मुख्यालय और ग्रुप सेंटर मुख्यालय में तैनात अधिकारियों की वर्दी पर नामपट्टी के ऊपर दाहिनी छाती पर सीआईएसएफ का मोनोग्राम होगा। यह काले आधार पर सुनहरी जरी से कढ़ाई किया जाएगा और वेल्क्रो से लगाया जाएगा। नई वर्दी के साथ मध्यम हरे रंग की गोल गले वाली टी-शर्ट भी होगी, जिसे सभी अधिकारी अपनी तैनाती की जगह या ड्यूटी के प्रकार से परे एलएफसीडी के नीचे पहनेंगे।
टेंडर प्रक्रिया के जरिए नए कपड़े की खरीद में समय लगने की आशंका को देखते हुए सीआईएसएफ के कल्याण विभाग को केपीकेबी के माध्यम से इसे जल्द उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इच्छुक कर्मी अपने खर्च पर केपीकेबी से कपड़ा खरीद सकते हैं और मंजूर डिजाइन व पैटर्न के अनुसार वर्दी सिलवा सकते हैं।