उधमपुर, 29 जुलाई: प्रतिष्ठित हायर कमांड कोर्स के छात्र अधिकारियों ने अपने पेशेवर सैन्य अध्ययन के हिस्से के रूप में उत्तरी कमान मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्हें भारतीय सेना की एक अत्यंत महत्वपूर्ण संचालन कमान का प्रत्यक्ष अनुभव मिला।
यह दौरा अधिकारियों के लिए संचालन परिवेश, बदलती सुरक्षा चुनौतियों और प्रौद्योगिकी तथा नवाचार के जरिये क्षमताओं को आधुनिक बनाने के सेना के प्रयासों को समझने का अवसर बना। उन्हें कमान के कार्यक्षेत्र में मौजूद परिस्थितियों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
दौरे के दौरान अधिकारियों को उत्तरी कमान के जिम्मेदारी क्षेत्र में मौजूदा संचालन स्थिति के बारे में ब्रीफ किया गया। प्रस्तुतियों में आतंकवाद-रोधी अभियानों, बदलती सुरक्षा गतिशीलता और क्षेत्र की विशिष्ट संचालन चुनौतियों को शामिल किया गया।
अधिकारियों को उस संचालन रसद ढांचे का भी अवलोकन कराया गया, जो विविध और कठिन भूभागों में निरंतर सैन्य अभियानों को सहारा देता है। इसमें ऊँचाई वाले क्षेत्रों और सीमा क्षेत्रों में की जाने वाली गतिविधियाँ भी शामिल रहीं।
ब्रीफिंग में प्रौद्योगिकी को अपनाने, क्षमता बढ़ाने और सभी प्रकार के सैन्य अभियानों के लिए संयुक्त युद्ध तत्परता पर उत्तरी कमान की पहलों को रेखांकित किया गया। इस बात पर जोर दिया गया कि बदलते सुरक्षा वातावरण में संचालन बढ़त बनाए रखने के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों, आँकड़ा-आधारित निर्णय और संयुक्त संचालन योजना की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
दौरे का एक प्रमुख आकर्षण लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, उत्तरी कमान के साथ संवाद रहा। उन्होंने हायर कमांड कोर्स के अधिकारियों को संबोधित करते हुए युद्ध की तेजी से बदलती प्रकृति के लिए सैन्य नेतृत्व को तैयार करने के महत्व पर प्रेरक संबोधन दिया।
लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने कहा कि भविष्य के सैन्य नेताओं को तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य के प्रति सतर्क रहना होगा और उभरते नवाचारों के अनुरूप स्वयं को लगातार ढालना होगा। उन्होंने अधिकारियों को नवाचारी समाधान अपनाने और शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संगठनों, उद्योग, स्टार्ट-अप तथा अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने समूचे राष्ट्र के दृष्टिकोण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए पारंपरिक सैन्य ढाँचों से आगे जाकर सहयोग की आवश्यकता है। उनके अनुसार विभिन्न पक्षों की विशेषज्ञता के एकीकरण से स्वदेशी, प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान विकसित किए जा सकेंगे, जो विरोधियों पर निर्णायक संचालन बढ़त बनाए रखने में सहायक होंगे।
हायर कमांड कोर्स भारतीय सेना के प्रमुख पेशेवर सैन्य शिक्षा कार्यक्रमों में से एक है। इसे वरिष्ठ अधिकारियों को उच्च कमान और रणनीतिक नेतृत्व नियुक्तियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से संचालित किया जाता है।
इस पाठ्यक्रम में शैक्षणिक अध्ययन के साथ संचालन संरचनाओं के दौरे भी शामिल होते हैं, ताकि अधिकारी समकालीन सुरक्षा चुनौतियों को समझ सकें और उच्चतम स्तर पर संचालन योजना तथा क्रियान्वयन का अवलोकन कर सकें।
उत्तरी कमान भारतीय सेना की सबसे महत्वपूर्ण संचालन कमानों में से एक बनी हुई है। यह भारत की उत्तरी सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-रोधी और घुसपैठ-रोधी अभियानों का संचालन करती है।
कमान आधुनिकीकरण, संयुक्तता, तकनीकी नवाचार और अनुकूल नेतृत्व के माध्यम से संचालन तत्परता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। इस दौरे ने छात्र अधिकारियों को कमान की संचालन नीति, रसद प्रबंधन और प्रौद्योगिकी-आधारित परिवर्तन की व्यावहारिक समझ प्राप्त करने का अवसर दिया।
इससे भारतीय सेना की उस प्रतिबद्धता को भी बल मिला, जिसके तहत वह नवाचार, रणनीतिक सोच और समन्वित राष्ट्रीय प्रयासों के माध्यम से आधुनिक युद्ध की जटिलताओं का सामना करने में सक्षम भविष्य के सैन्य नेताओं को तैयार कर रही है।