थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से राजभवन (लोक भवन) में मुलाकात की। यह मुलाकात उनके राज्य दौरे के दौरान हुई, जिसमें भारतीय सेना की ओर से क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
थलसेना प्रमुख के साथ पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, 3 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग और असम राइफल्स (दक्षिण) के महानिरीक्षक भी मौजूद थे। वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व की उपस्थिति से मणिपुर के रणनीतिक महत्व और सुरक्षा तथा सामान्य स्थिति बनाए रखने के लिए समन्वित प्रयासों पर निरंतर ध्यान का संकेत मिला।
शिष्टाचार भेंट के दौरान वरिष्ठ सेना नेतृत्व ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से बातचीत की और मौजूदा सुरक्षा स्थिति, अभियानगत तैयारी तथा भारतीय सेना और असम राइफल्स की ओर से शांति और जन-विश्वास बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की।
यह बैठक सशस्त्र बलों और नागरिक प्रशासन के बीच घनिष्ठ समन्वय को भी दर्शाती है। सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के साथ-साथ विकास और शासन से जुड़ी पहलों को आगे बढ़ाने में इस तरह के सहयोग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जनरल धीरज सेठ की यह यात्रा इस समय हुई है जब भारतीय सेना उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा और नागरिक प्रशासन को समर्थन देने में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सेना, असम राइफल्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आतंकवाद-रोधी अभियानों को संचालित करने और जरूरत पड़ने पर प्रशासन की सहायता करने में सक्रिय है।
पूर्वी कमान, जिसका मुख्यालय कोलकाता में है, भारत की पूर्वी सीमाओं की सुरक्षा और उत्तर-पूर्व में सैन्य अभियानों की निगरानी के लिए जिम्मेदार है। इसके नियंत्रण में आने वाली संरचनाओं में 3 कोर जैसी इकाइयाँ क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने, अभियानगत तत्परता बढ़ाने और उभरती चुनौतियों पर तेजी से प्रतिक्रिया देने में अग्रिम भूमिका निभाती हैं।
असम राइफल्स, जो भारतीय सेना के अभियानगत नियंत्रण में कार्य करती है, भारत-म्यांमा सीमा पर सीमा सुरक्षा की मुख्य बल बनी हुई है। इसके साथ ही यह उत्तर-पूर्व में आतंकवाद-रोधी और आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारियाँ भी निभाती है। सेना के साथ इसकी निकट समन्वय व्यवस्था ने क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में अहम योगदान दिया है।
सेना नेतृत्व और राज्यपाल के बीच हुई बातचीत ने जटिल सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में नागरिक-सैन्य सहयोग के महत्व को रेखांकित किया। ऐसे संवाद मौजूदा सुरक्षा स्थिति, अभियानगत तैयारी और लोगों की सुरक्षा तथा कल्याण सुनिश्चित करने के उपायों पर नियमित विचार-विमर्श का अवसर देते हैं।
जनरल धीरज सेठ ने हमेशा उच्च स्तर की अभियानगत तत्परता बनाए रखने और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में शामिल सभी पक्षों के साथ निकट समन्वय पर जोर दिया है। मणिपुर दौरा भारतीय सेना की उस निरंतर कोशिश को दिखाता है, जिसमें वह जमीनी स्थिति की समीक्षा, सैन्य संरचनाओं से संवाद और राज्य अधिकारियों के साथ संस्थागत सहयोग को मजबूत कर रही है।
लोक भवन में हुई यह शिष्टाचार भेंट सशस्त्र बलों और नागरिक प्रशासन के बीच स्थायी साझेदारी को भी रेखांकित करती है। यह साझेदारी स्थिरता बनाए रखने, स्थानीय समुदायों में भरोसा बढ़ाने और देश के इस अहम क्षेत्र में राष्ट्रीय हितों की रक्षा के साझा संकल्प को दर्शाती है।