टेरिटोरियल आर्मी के कैप्टन अनुराग ठाकुर और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने अपने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में सैनिक स्कूल सुजानपुर टीरा का दौरा किया और छात्रों से शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, राष्ट्र-निर्माण तथा भारत की बढ़ती रक्षा क्षमताओं पर बातचीत की। यह कार्यक्रम सैनिक स्कूल सुजानपुर टीरा की प्रधानाचार्य ग्रुप कैप्टन रचना जोशी के नेतृत्व में आयोजित किया गया।
छात्रों को संबोधित करते हुए ठाकुर ने कहा कि सैनिक स्कूल केवल शैक्षणिक शिक्षा देने वाली संस्थाएं नहीं हैं, बल्कि वे देश के भविष्य के नेतृत्व और राष्ट्र-निर्माण की नींव रखने वाले महत्वपूर्ण केंद्र हैं। उन्होंने अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण को ऐसे गुण बताया, जो आने वाले वर्षों में भारत की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए आवश्यक हैं।
छात्रों के साथ संवाद के दौरान ठाकुर ने शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र-निर्माण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन भर सीखते रहने, नए लोगों से संवाद करने, जिज्ञासु बने रहने और कक्षा से बाहर भी अपने ज्ञान का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया।
ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की तेज प्रगति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक रक्षा उपकरण अब देश के भीतर अधिक मात्रा में बनाए जा रहे हैं और भारतीय सशस्त्र बलों को नई प्रौद्योगिकियों तथा उन्नत क्षमताओं से सुसज्जित किया जा रहा है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सैनिक स्कूलों के छात्रों को इन बदलावों की जानकारी रखनी चाहिए और देश की बढ़ती रक्षा शक्ति को समझना चाहिए। ठाकुर के अनुसार रक्षा क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों से परिचित होना युवा छात्रों में गर्व, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत कर सकता है।
छात्रों से ठाकुर की बातचीत का महत्व उनकी अपनी टेरिटोरियल आर्मी से संबद्धता के कारण भी रहा। वे टेरिटोरियल आर्मी के कमीशन प्राप्त अधिकारी हैं और 124 इन्फैंट्री बटालियन (सिख) के साथ सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने जुलाई 2016 में टेरिटोरियल आर्मी जॉइन की थी और लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त किया था। आवश्यक चयन और प्रशिक्षण प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद उन्हें मार्च 2021 में कैप्टन के पद पर पदोन्नत किया गया।
अपनी सार्वजनिक सेवा और सैन्य संबद्धता का उल्लेख करते हुए ठाकुर ने छात्रों से कम उम्र से ही अनुशासन, नेतृत्व और जिम्मेदारी की मजबूत भावना विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा को केवल शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र, ज्ञान और समाज तथा राष्ट्र की सेवा करने की क्षमता विकसित करने की एक निरंतर प्रक्रिया के रूप में देखना चाहिए।
यह कार्यक्रम प्रधानाचार्य ग्रुप कैप्टन रचना जोशी के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जो संस्थान के शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन, नेतृत्व विकास, शारीरिक फिटनेस और देश की भावी सेवा की तैयारी पर निरंतर ध्यान को दर्शाता है।
ठाकुर ने छात्रों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, रक्षा और राष्ट्रीय मामलों से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी रखने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एक जानकार, आत्मविश्वासी और अनुशासित युवा पीढ़ी ही अधिक मजबूत, अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में केंद्रीय भूमिका निभा सकती है।
दौरे के समापन पर ठाकुर ने छात्रों से सीखते रहने, अपने दृष्टिकोण को व्यापक बनाने और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के लिए प्रतिबद्ध रहने की अपील की। सैनिक स्कूल सुजानपुर में उनकी यह बातचीत युवा छात्रों को मजबूत व्यक्तित्व और नेतृत्व गुण विकसित करने तथा भारत के भविष्य में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करने का प्रयास थी।