लेफ्टिनेंट जनरल अमरदीप सिंह औजला, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, वाईएसएम, एसएम, वीएसएम, एमजीएस, आईएचक्यू ऑफ एमओडी (आर्मी) ने केंद्रीय आयुध डिपो, कानपुर का दौरा किया। इस दौरान भारतीय सेना की परिचालन तैयारी बनाए रखने में मजबूत रसद व्यवस्था और निर्बाध आपूर्ति शृंखला की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया गया।
दौरे के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल औजला ने कहा कि सैन्य तैयारी सैनिकों के मोर्चे पर पहुंचने से काफी पहले शुरू हो जाती है। उन्होंने बताया कि निरंतर अभियानों के लिए एक सक्षम और लचीली रसद व्यवस्था ही उसकी रीढ़ होती है।
इस बातचीत में स्वदेशीकरण को मजबूत करने, घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने और कड़े गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। साथ ही यह सुनिश्चित करने की बात कही गई कि उपकरण और आपूर्ति मैदान में तैनात सैनिकों की परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप हों।
सेना के लिए उद्योग के साथ संवाद को भी एक महत्वपूर्ण पहलू बताया गया। इससे एक अधिक तेज़ और आत्मनिर्भर रक्षा रसद तंत्र विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद जताई गई, जिससे उत्पादन क्षमता, उपयोगकर्ता आवश्यकताओं के प्रति प्रतिक्रिया और सेवा में शामिल उपकरणों के बाद की सहायता बेहतर हो सके।
दौरे ने इस बात को रेखांकित किया कि आधुनिक युद्ध में सैन्य उपकरणों और सामग्री की तेज़ आवाजाही, रखरखाव और उपलब्धता की बढ़ती मांग को देखते हुए बिना व्यवधान के काम करने वाली आपूर्ति शृंखलाओं का निर्माण आवश्यक है।
केंद्रीय आयुध डिपो, कानपुर से दिया गया संदेश स्पष्ट था कि परिचालन तैयारी केवल मोर्चे पर मौजूद क्षमताओं पर नहीं, बल्कि एक ऐसी रसद व्यवस्था पर भी निर्भर करती है जो विश्वसनीय, त्वरित और वर्तमान तथा भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हो।