नयी दिल्ली, 20 सितंबर 2026: रक्षा बल चिकित्सा सेवाएं के महानिदेशक एयर मार्शल संदीप थरेजा ने भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम से मुलाकात की। इस दौरान विमानन चिकित्सा, चिकित्सकीय तैयारी और शारीरिक फिटनेस की भूमिका पर विशेष चर्चा की गई, जो उच्च-प्रदर्शन वाले सैन्य उड़ान अभियानों को समर्थन देती है।
बातचीत के दौरान एयर मार्शल थरेजा ने सूर्यकिरण टीम की असाधारण पेशेवर क्षमता, सटीकता और टीमवर्क की सराहना की। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि यह टीम अपने “सदैव सर्वोत्तम” आदर्श वाक्य के साथ तीन दशकों से भारतीय वायु सेना की उड़ान क्षमता का प्रदर्शन कर रही है।
चर्चा में उच्च-प्रदर्शन वाली उड़ानों से जुड़े विमानन-चिकित्सकीय पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। इनमें जटिल हवाई करतबों के दौरान पायलटों को झेलनी पड़ने वाली कठिन शारीरिक स्थितियां भी शामिल थीं।
इस दौरान फिटनेस और सुरक्षा के सख्त मानकों को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि संचालनगत तत्परता लगातार बनी रहे। उच्च-प्रदर्शन एरोबैटिक उड़ान वायुसेना कर्मियों पर शारीरिक और मानसिक, दोनों स्तरों पर भारी दबाव डालती है।
विमानन चिकित्सा उड़ान सुरक्षा और मिशन की प्रभावशीलता का अहम हिस्सा मानी गई। नियमित चिकित्सकीय तैयारी और वायुसेना कर्मियों की फिटनेस का आकलन पायलटों को आवश्यक सुरक्षा मानकों के साथ कठिन करतब करने में सक्षम बनाता है।
इस बातचीत में रक्षा बल चिकित्सा सेवाओं की व्यापक भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया, जो भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के कर्मियों को चिकित्सा सहायता प्रदान करती हैं।
सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के साथ यह संवाद विमानन चिकित्सा और संचालनगत उड़ान के बीच गहरे संबंध को भी रेखांकित करता है। ऐसे वातावरण में सटीकता, शारीरिक सहनशीलता, टीमवर्क और त्वरित निर्णय क्षमता अत्यंत आवश्यक होती है।
सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम भारतीय वायु सेना की प्रमुख सार्वजनिक इकाइयों में से एक है और अपनी समन्वित संरचना उड़ान तथा एरोबैटिक प्रदर्शनों के लिए जानी जाती है। इसके तीन दशक के सफर में उच्च स्तर के प्रशिक्षण, अनुशासन और टीमवर्क की झलक मिलती है, जो सटीक उड़ान के लिए आवश्यक हैं।