मेजर जनरल सुमित राणा, जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी), PUPSA ने मेरठ में 40 कंपनी ASC टाइप डी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने रसद से जुड़ी पहलों की समीक्षा की और इकाई की परिचालन तैयारी का आकलन किया।
दौरे के दौरान मेजर जनरल राणा ने एक नई रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) बोतलिंग संयंत्र का उद्घाटन किया और ‘PURE’ पैकेज्ड पेयजल की शुरुआत की। यह पहल आत्मनिर्भरता को मजबूत करने और रसद सहायता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की गई।
उन्होंने रसद कार्यों की दक्षता बढ़ाने के लिए तैयार एक यंत्रीकृत समूह शेड का भी उद्घाटन किया। साथ ही आपूर्ति तथा ईंधन, तेल और स्नेहक सामग्री पर केंद्रित एक पुस्तक भी जारी की।
इन पहलों से यह स्पष्ट हुआ कि सेना की रसद व्यवस्था में नवोन्मेषी और अधिक प्रभावी समाधानों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। इससे रसद इकाइयों की क्षमता भी बढ़ेगी, ताकि वे परिचालन संरचनाओं को बेहतर सहयोग दे सकें।
मेजर जनरल राणा ने इकाई द्वारा किए गए उपायों की समीक्षा करते हुए आत्मनिर्भरता, नवाचार और संसाधनों के कुशल प्रबंधन के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यही तत्व भारतीय सेना के लिए मजबूत और त्वरित रसद सहायता बनाए रखने में सहायक हैं।