कैडेट्स ट्रेनिंग विंग के ऑफिसर कैडेट्स ने मिड-टर्म हाइक के तहत जयपुर सैन्य स्टेशन का दौरा किया। इस दौरान उन्हें भारतीय सेना की बदलती अभियानगत क्षमताओं, तकनीकी प्रगति और आधुनिक सैन्य उपकरणों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
दौरे के दौरान कैडेट्स को अगली पीढ़ी के उपकरणों और हथियार प्रणालियों से परिचित कराया गया। उन्हें पैदल सेना इकाइयों और विशेष बलों के कामकाज तथा क्षमताओं की भी जानकारी दी गई।
इस अनुभव ने भविष्य के अधिकारियों को कक्षा में मिलने वाले प्रशिक्षण के साथ समकालीन सैन्य अभियानों और उभरती प्रौद्योगिकियों की व्यावहारिक समझ जोड़ने का अवसर दिया।
हाइक के दौरान कैडेट्स ने जयपुर की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का भी अनुभव किया, जिससे उनके प्रशिक्षण कार्यक्रम को एक व्यापक आयाम मिला।
दक्षिण-पश्चिमी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल पी. एस. शेखावत ने ऑफिसर कैडेट्स से बातचीत की और नेतृत्व तथा व्यावसायिक विकास पर मार्गदर्शन साझा किया। उन्होंने उन्हें पढ़ने की मजबूत आदत विकसित करने, जिन कर्मियों की जिम्मेदारी उन्हें आगे संभालनी है उनके कल्याण के प्रति समर्पित रहने और अपने व्यावसायिक ज्ञान को लगातार बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
लेफ्टिनेंट जनरल शेखावत ने अच्छे इंसान और जिम्मेदार सैन्य नेता बनने के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कैडेट्स को याद दिलाया कि प्रभावी नेतृत्व केवल पेशेवर दक्षता तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें चरित्र, सहानुभूति और अपने सैनिकों के प्रति जिम्मेदारी भी शामिल है।
यह दौरा सेना के उस जोर का हिस्सा था, जिसके तहत ऑफिसर कैडेट्स को पारंपरिक कक्षा-आधारित शिक्षा से आगे बढ़कर व्यावहारिक अनुभव और व्यापक सीख प्रदान की जा रही है, ताकि वे भविष्य की नेतृत्व जिम्मेदारियों के लिए तैयार हो सकें।