बेंगलुरु में आर्मी सर्विस कोर के अधिकारियों के लिए आयोजित अग्रिम आपूर्ति शृंखला प्रबंधन और खाद्य प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रम 27 जुलाई, 2026 को एएससी केंद्र एवं महाविद्यालय में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह विशेष पाठ्यक्रम सैन्य रसद, आपूर्ति शृंखला प्रबंधन और खाद्य प्रौद्योगिकी में व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया था।
इस पाठ्यक्रम में आर्मी सर्विस कोर के अधिकारियों ने आधुनिक आपूर्ति शृंखला पद्धतियों, अभियानगत रसद, खाद्य प्रौद्योगिकी और उभरती प्रौद्योगिकियों के सैन्य सहायता प्रणालियों में समन्वय पर केंद्रित गहन प्रशिक्षण लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य अलग-अलग परिचालन परिस्थितियों में सैन्य अभियानों के लिए निर्बाध रसद सहायता सुनिश्चित करने की अधिकारियों की क्षमता को मजबूत करना था।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल जेके गेरा, कमांडेंट, एएससी केंद्र एवं महाविद्यालय ने अभियानगत तत्परता बनाए रखने में विषयगत विशेषज्ञता के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सैन्य आपूर्ति शृंखलाओं की दक्षता और लचीलापन बढ़ाने के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों, नवोन्मेषी रसद समाधानों और वैश्विक सर्वोत्तम पद्धतियों को लगातार अपनाने की आवश्यकता रेखांकित की।
लेफ्टिनेंट जनरल गेरा ने रसद प्रबंधन और खाद्य प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने में नागरिक-सैन्य सहयोग को और मजबूत करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और अनुसंधान संगठनों के साथ साझेदारी सैन्य रसद के आधुनिकीकरण और सभी परिस्थितियों में परिचालन संरचनाओं को निर्बाध सहायता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कमांडेंट ने अधिकारियों से निरंतर सीखने और नवाचार के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आग्रह किया, क्योंकि युद्ध और सैन्य रसद की प्रकृति लगातार बदल रही है। उन्होंने कहा कि चुस्त और प्रौद्योगिकी-आधारित रसद प्रणाली भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन प्रभावशीलता बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण बल गुणक बनी रहती है।
समापन समारोह के दौरान कर्नल अजय कांत भदौरिया को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन, व्यावसायिक दक्षता और प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान समग्र उत्कृष्टता के लिए पाठ्यक्रम का सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी घोषित किया गया।
अग्रिम आपूर्ति शृंखला प्रबंधन और खाद्य प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रम का सफल समापन भारतीय सेना की भविष्य के लिए तैयार ऐसे रसद नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करने पर जारी ध्यान को दर्शाता है, जो लगातार जटिल होती आपूर्ति शृंखलाओं को संभाल सकें। आधुनिक रसद, प्रौद्योगिकीय नवाचार और खाद्य प्रौद्योगिकी में विशेषज्ञता विकसित कर एएससी केंद्र एवं महाविद्यालय भारतीय सेना की परिचालन रीढ़ को मजबूत करने और गतिशील सुरक्षा परिवेश में सतत युद्ध तत्परता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।