नई दिल्ली का एयर फोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बंद होने से वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का पारंपरिक विदाई ‘गोल्फिंग-आउट’ कार्यक्रम रद्द हो गया। यह कार्यक्रम 28 अक्टूबर को होना था। लोक कल्याण मार्ग स्थित परिसर को बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 की सुबह पांच बजे से अगले आदेश तक सदस्यों के लिए बंद कर दिया गया है।
यह परिसर रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन, जिसे एयर फोर्स स्टेशन नई दिल्ली भी कहा जाता है, के भीतर है और प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास से कुछ ही दूरी पर स्थित है। सदस्यों को मंगलवार को भेजे गए संदेश में अगले दिन सुबह से परिसर बंद रहने की सूचना दी गई थी। रखरखाव, घरेलू कामकाज और ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों को सोमवार से ड्यूटी पर नहीं आने को कहा गया था। कैंटीन जाने के लिए पहुंचे संविदा कर्मचारियों सहित अन्य आगंतुकों को भी प्रवेश नहीं दिया गया।
एयर फोर्स स्टेशन के कर्मियों ने परिसर बंद होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि 2017 में जारी किया गया बेदखली नोटिस अब भी प्रासंगिक है और इस मामले पर बातचीत जारी है।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्होंने 30 सितंबर 2024 को 28वें वायुसेना प्रमुख के रूप में पदभार संभाला था और उनके पास 5,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है। परंपरा के अनुसार वायुसेना प्रमुख एयर फोर्स गोल्फ क्लब के मुख्य संरक्षक होते हैं और उनकी विदाई पर ‘गोल्फिंग-आउट’ आयोजित किया जाता है। परिसर में 28 अक्टूबर के कार्यक्रम का बैनर भी तैयार हो चुका था।
वर्तमान वायुसेना उपप्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को उनका उत्तराधिकारी नियुक्त किया गया है। वह 31 अक्टूबर की दोपहर 29वें वायुसेना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालेंगे। उनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2028 तक रहेगा।
परिसर बंद होने का मामला लोक कल्याण मार्ग के आसपास की प्रमुख सरकारी जमीनों को वापस लेने की व्यापक कार्रवाई से जुड़ा है। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ) ने 2017 में पांच संपत्तियों के लिए बेदखली नोटिस जारी किए थे। इनमें एयर फोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, जयपुर पोलो ग्राउंड और ओल्ड विलिंगडन कैंप शामिल थे। उस समय आगे कार्रवाई नहीं हुई थी, लेकिन अब प्रक्रिया फिर शुरू की गई है।
अगस्त 2026 में एलएंडडीओ ने लोक कल्याण मार्ग स्थित दिल्ली रेस क्लब के 53 एकड़ परिसर को अपने कब्जे में लिया था। इसके लिए सार्वजनिक उद्देश्य का हवाला दिया गया था, लेकिन उसका विवरण नहीं बताया गया। जयपुर पोलो ग्राउंड भी सार्वजनिक उपयोग, प्रशासन और रक्षा बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं के लिए इंडियन पोलो एसोसिएशन से वापस लिया गया।
दिल्ली जिमखाना क्लब की करीब 27 एकड़ जमीन को लेकर भी बेदखली की कार्यवाही शुरू की गई है। इसके लिए रक्षा बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक सुरक्षा और संबंधित परियोजनाओं की जरूरत बताई गई है। यह मामला अभी अदालत में लंबित है।
घटनाक्रम से परिचित सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय ने वायुसेना को स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लिए आवंटित जमीन की आवश्यकता से अवगत कराया था। सूत्रों का कहना है कि जमीन सरकारी होने के कारण अदालत के आदेश की जरूरत नहीं थी। मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति के मुताबिक, सरकार ने गोल्फ कोर्स को औपचारिक रूप से अपने कब्जे में ले लिया है। एलएंडडीओ परिसर का सर्वेक्षण भी पूरा कर चुका है।
एक सितंबर 1947 को स्थापित इस परिसर में नौ होल वाला पार-35 पार्कलैंड गोल्फ कोर्स है, जो राजधानी के सबसे पुराने गोल्फ कोर्सों में गिना जाता है। यहां ड्राइविंग रेंज, छोटे शॉट के अभ्यास क्षेत्र, स्विमिंग पूल, रेस्तरां और भोजन की सुविधाएं, बास्केटबॉल व टेनिस कोर्ट तथा जिम भी हैं। सेवारत अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के खेल, मनोरंजन व फिटनेस के अलावा यहां अग्निवीरों और वायुसैनिकों के प्रशिक्षण की सुविधाएं भी मौजूद हैं।
रिपोर्टों में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का क्षेत्रफल करीब 30 एकड़ बताया गया है। कुछ विवरणों में इसे लगभग 52.80 एकड़ के उस भूखंड का हिस्सा बताया गया है, जिसे तत्कालीन शहरी विकास मंत्रालय से रक्षा मंत्रालय को औपचारिक रूप से हस्तांतरित किया गया था। एयर फोर्स स्टेशन की कुल भूमि करीब 126.95 एकड़ बताई गई है। परिसर का संचालन लंबे समय से वरिष्ठ वायुसेना और रक्षा अधिकारियों की देखरेख में होता रहा है।
वायुसेना के प्रवक्ता विंग कमांडर जयदीप सिंह ने सर्वेक्षण की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि परिसर में अग्निवीरों और वायुसैनिकों के प्रशिक्षण के साथ अधिकारियों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों के लिए मनोरंजन और फिटनेस की सुविधाएं हैं। आगे की कार्रवाई पर चर्चा जारी है। सूत्रों के अनुसार, वायुसेना ने नियमित रूप से यहां प्रशिक्षण लेने और सुविधाओं का उपयोग करने वाले कर्मियों के मनोबल पर संभावित असर का हवाला देते हुए फैसले पर पुनर्विचार का अनुरोध किया है।
अचानक परिसर बंद होने से गोल्फ खिलाड़ियों की मदद करने वाले कैडी और संविदा कर्मचारियों सहित सैकड़ों कर्मचारियों के सामने अनिश्चितता पैदा हो गई है। पूर्व सैनिकों ने भी लंबे समय से खेल और मेलजोल का केंद्र रहे इस परिसर के बंद होने पर चिंता जताई है। संबंधित अन्य मामलों में बताए गए सार्वजनिक उपयोग, प्रशासन और रक्षा बुनियादी ढांचे के व्यापक उद्देश्यों से अलग, इस जमीन के अंतिम उपयोग का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।