भारतीय सेना ने लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया के नाम से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो को फर्जी बताया है। इसमें उनके हवाले से अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों पर चीन का कब्जा होने और वहां तैनात भारतीय सैनिकों को जरूरी आपूर्ति नहीं मिलने के मनगढ़ंत दावे किए गए हैं।
इस वीडियो में असाफिला, लॉन्गजौ और ताकसिंग सर्किल पर चीन का नियंत्रण होने का झूठा दावा किया गया है। लॉन्गजौ का नाम कुछ रिपोर्टों में लॉन्गजू भी लिखा जाता है। लेफ्टिनेंट जनरल कालिया फिलहाल स्पीयर कोर यानी 3 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग हैं।
सेना के आधिकारिक तथ्य-जांच हैंडल ‘इंडियन आर्मी फैक्ट चेक’ (@MythbusterXX) ने 25 अक्टूबर 2026 को इस बारे में स्पष्टीकरण जारी किया। सेना के मुताबिक, पुराने वीडियो में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से होंठों की हरकत और आवाज में बदलाव किया गया है। इसके जरिए ऐसा दिखाने की कोशिश की गई कि एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी का कथित गोपनीय बयान लीक हुआ है।
सेना ने बताया कि मूल फुटेज 27 अक्टूबर 2023 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में हुई एक प्रेस ब्रीफिंग का है। उस समय कालिया मेजर जनरल थे और 28 इन्फैंट्री डिवीजन की कमान संभाल रहे थे। ब्रीफिंग में उन्होंने आतंकवाद-रोधी अभियानों और नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिशों के बारे में जानकारी दी थी।
उन्होंने बताया था कि सुरक्षा बलों ने घुसपैठ की 10 कोशिशें नाकाम कीं, 27 आतंकियों को मार गिराया और बड़ी मात्रा में युद्धक सामग्री, गोला-बारूद तथा मादक पदार्थ बरामद किए। मूल ब्रीफिंग में चीन, अरुणाचल प्रदेश के इलाकों पर कब्जे या भारतीय सैनिकों की आपूर्ति पर किसी तरह की रोक का कोई जिक्र नहीं था।
सेना ने इस छेड़छाड़ को सैन्य मामलों से जुड़ी भ्रामक जानकारी फैलाने और लोगों में बेवजह चिंता पैदा करने की कोशिश बताया। उसने स्पष्ट किया कि पुराने सैन्य वीडियो में फर्जी बयान जोड़कर और उन्हें अधिकारी के नाम से पेश करके क्षेत्रीय कब्जे के मनगढ़ंत दावों को विश्वसनीय दिखाने का प्रयास किया गया है।
लोगों को ऐसे वीडियो और दावों को साझा करने से पहले प्रामाणिक स्रोतों से उनकी जांच करने की सलाह दी गई है। सेना ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य अभियानों से जुड़ी जानकारी के लिए मूल सामग्री तथा आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करने और एआई से तैयार या डिजिटल रूप से बदली गई सामग्री के प्रति सतर्क रहने को कहा है।
अति विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित लेफ्टिनेंट जनरल कालिया की कमान वाली स्पीयर कोर का मुख्यालय दीमापुर के पास है। उसके अभियानगत जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्से भी आते हैं। सेना ने हाल में इस क्षेत्र से जुड़े अन्य प्रसारित दावों की भी तथ्य-जांच की है।