• CONTACT
  • BLOG
SSBCrack Hindi
  • Home
  • डिफेन्स न्यूज़
  • डिफेन्स एग्ज़ाम्स
  • जनरल नॉलेज
  • नौकरी
Reading: राजनाथ सिंह ने कमांड अस्पताल लखनऊ में भारत के पहले सैन्य चिकित्सा विभाग का उद्घाटन किया
Share
SSBCrack HindiSSBCrack Hindi
Font ResizerAa
  • डिफेन्स न्यूज़
  • डिफेन्स एग्ज़ाम्स
  • जनरल नॉलेज
  • नौकरी
Search
  • डिफेन्स न्यूज़
  • डिफेन्स एग्ज़ाम्स
  • जनरल नॉलेज
  • नौकरी
Have an existing account? Sign In
Follow US
© SSBCrack Hindi. All Rights Reserved.
डिफेन्स न्यूज़

राजनाथ सिंह ने कमांड अस्पताल लखनऊ में भारत के पहले सैन्य चिकित्सा विभाग का उद्घाटन किया

News Desk
Last updated: July 29, 2026 11:26 am
News Desk
Published: July 29, 2026
Share
Rajnath Singh Inaugrating

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को लखनऊ स्थित कमान अस्पताल (सेंट्रल कमांड) में सैन्य चिकित्सा विभाग का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह भारत का पहला ऐसा समर्पित शैक्षणिक और परिचालन विभाग है, जो पूरी तरह सैन्य चिकित्सा पर केंद्रित है। इस पहल का उद्देश्य युद्धक्षेत्र में चिकित्सा तैयारी को मजबूत करना, स्वदेशी शोध को आगे बढ़ाना और विशेष सैन्य चिकित्सा सिद्धांतों का विकास करना है।

यह विभाग सेना चिकित्सा सेवा महानिदेशालय के अधीन स्थापित किया गया है और इसे सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं की परिचालन चिकित्सा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इसे शोध और विकास केंद्र के साथ-साथ उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि पारंपरिक और गैर-पारंपरिक संघर्ष परिस्थितियों में सैन्य अभियानों को विशेषज्ञ सहायता मिल सके।

वर्चुअल उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि आर्थिक वृद्धि और सामाजिक विकास राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण आधार हैं, लेकिन किसी देश की संप्रभुता और प्रगति की अंतिम गारंटी उसके सशस्त्र बलों की शक्ति, आत्मविश्वास और मनोबल में निहित होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह विभाग कठिन परिचालन परिस्थितियों में तैनात सैनिकों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराकर राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत करेगा।

More Read

सर्जन वाइस एडमिरल एस शंकर ने INS चिल्का और INHS निवारिणी में चिकित्सा तैयारियों की समीक्षा की
दिगालीपुखुरी युद्ध स्मारक पर वायुसेना बैंड की देशभक्ति प्रस्तुति से गुवाहाटी दर्शक मंत्रमुग्ध
वाइस एडमिरल संजय वात्सायन ने आईएनएस तानाजी और CABS में अवसंरचना व परिचालन कार्यों की समीक्षा की

रक्षा मंत्री ने कहा कि यह विभाग सैनिकों के मन में यह भरोसा मजबूत करेगा कि जरूरत पड़ने पर उन्हें सर्वोत्तम देखभाल और सहायता मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि चिकित्सा तैयारी युद्ध क्षमता का अनिवार्य हिस्सा है।

सैन्य चिकित्सा विभाग को भारत में सैन्य चिकित्सा के प्रमुख शैक्षणिक, सिद्धांतगत और शोध संस्थान के रूप में परिकल्पित किया गया है। यह युद्ध चिकित्सा, युद्ध शल्य चिकित्सा और आघात देखभाल जैसे क्षेत्रों में संरचित शिक्षा, विशेष प्रशिक्षण और परास्नातक कार्यक्रम प्रदान करेगा। साथ ही यह भारत की विशिष्ट परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप स्वदेशी शोध को बढ़ावा देगा।

यह विभाग सैन्य आघात और क्षति नियंत्रण, युद्ध मनोचिकित्सा और मनोवैज्ञानिक दृढ़ता, पर्यावरणीय और परिचालन चिकित्सा, सैन्य चिकित्सा रसद, रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल, परमाणु और विस्फोटक चिकित्सा प्रतिक्रिया, आपात चिकित्सा और गहन देखभाल, आपदा चिकित्सा, मानवीय सहायता और आपदा राहत, तथा शोध, चिकित्सा लेखा-परीक्षा और आंकड़ा विश्लेषण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा।

इसके अलावा यह तकनीक-सक्षम युद्धक्षेत्र चिकित्सा, दूरचिकित्सा, दीर्घकालिक क्षेत्रीय देखभाल, अनुकरण-आधारित सैन्य चिकित्सा प्रशिक्षण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता-सहायता प्राप्त चिकित्सा निर्णय प्रणाली जैसे उभरते क्षेत्रों में नवाचार को भी आगे बढ़ाएगा। इससे भारत की सैन्य स्वास्थ्य व्यवस्था बदलते युद्ध स्वरूप के अनुरूप बनी रहेगी।

रक्षा मंत्री ने कहा कि आधुनिक सुरक्षा परिवेश में सैन्य चिकित्सा का महत्व लगातार बढ़ा है, क्योंकि सैनिक दुनिया के सबसे कठिन भूभाग और जलवायु परिस्थितियों में काम करते हैं। उन्होंने अंतरिक्ष चिकित्सा से तुलना करते हुए बताया कि सैन्य चिकित्सा युद्ध और परिचालन तैनाती के शारीरिक तथा मनोवैज्ञानिक प्रभावों का अध्ययन करती है, जिससे विभिन्न परिचालन वातावरण के अनुरूप विशेष चिकित्सा प्रोटोकॉल विकसित किए जा सकें।

राजनाथ सिंह ने कहा, “हमारे सैनिक दुनिया के कुछ सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों और जलवायु में सेवा देते हैं। यह विभाग ऐसी परिचालन परिस्थितियों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए चिकित्सा प्रोटोकॉल विकसित करेगा।”

युद्ध की बदलती प्रकृति पर जोर देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि सामूहिक विनाश के हथियारों से उत्पन्न खतरा, जिनमें रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु खतरे शामिल हैं, पारंपरिक हथियार प्रणालियों में प्रगति के बावजूद आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि यह नया विभाग एक प्रमुख शोध और विकास केंद्र के रूप में उभरेगा, जो तेजी से बदलती तकनीक और युद्धक्षेत्रों से उत्पन्न नए खतरों का सामना करने के लिए देश को तैयार करेगा।

इस विभाग को कई चरणों में विकसित करने की योजना है। प्रारंभिक चरण में शैक्षणिक कार्यक्रमों और संस्थागत ढांचे की स्थापना पर ध्यान दिया जाएगा। बाद के चरणों में मानवीय सहायता और आपदा राहत तथा रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल, परमाणु और विस्फोटक चिकित्सा के लिए समर्पित उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। अंततः इसे सैन्य चिकित्सा और युद्धक्षेत्र स्वास्थ्य शोध के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका का उल्लेख करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक और एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में भारतीय सशस्त्र बल देश के भीतर और विदेशों में नियमित रूप से मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान चलाते हैं। उन्होंने कहा कि यह विभाग आपदा प्रतिक्रिया, क्षेत्रीय अस्पताल तैनाती, महामारी प्रबंधन और सामूहिक हताहत देखभाल में भारत की विशेषज्ञता को काफी बढ़ाएगा।

रक्षा मंत्री ने निवारक स्वास्थ्य देखभाल के महत्व पर भी जोर दिया और इसे उपचार शुरू होने से पहले रक्षा की पहली पंक्ति बताया। उन्होंने रोग निगरानी, टीकाकरण, स्वच्छता, पोषण, व्यावसायिक स्वास्थ्य, शारीरिक फिटनेस और सैन्य कर्मियों की नियमित चिकित्सा जांच पर आधारित मजबूत निवारक स्वास्थ्य ढांचा तैयार करने का आह्वान किया।

राजनाथ सिंह ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पहनने योग्य स्वास्थ्य निगरानी उपकरण, पूर्वानुमान विश्लेषण और आधुनिक निदान प्रणालियों के उपयोग की वकालत की, ताकि सैनिकों के स्वास्थ्य की वास्तविक समय में निगरानी और संभावित चिकित्सा जोखिमों की शीघ्र पहचान हो सके। उनके अनुसार, निवारक स्वास्थ्य देखभाल सैनिकों को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रखकर सीधे युद्ध तत्परता और राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देती है।

उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि यह विभाग सेना चिकित्सा कोर में सेवा दे रहे युवा डॉक्टरों के लिए सैन्य चिकित्सा में विशेष शिक्षा और उच्च विशेषज्ञता का नया मार्ग खोलेगा। उन्होंने कहा कि इससे न केवल सशस्त्र बलों की बौद्धिक क्षमता मजबूत होगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर सैन्य चिकित्सा शोध में भारत की स्थिति भी सुदृढ़ होगी।

यह विभाग युवा सेना चिकित्सा कोर अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी विकसित होने की उम्मीद है, विशेषकर युद्धक्षेत्र नर्सिंग, उन्नत आघात जीवन समर्थन और परिचालन चिकित्सा के क्षेत्र में। इससे सैन्य चिकित्सक युद्ध परिस्थितियों में विशेष देखभाल देने के लिए तैयार रहेंगे।

अपने संबोधन के अंत में राजनाथ सिंह ने इस विभाग की स्थापना को भारत की सैन्य स्वास्थ्य प्रणाली के रूपांतरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने सभी हितधारकों से मिलकर इसे विश्व का सर्वश्रेष्ठ युद्धक्षेत्र चिकित्सा शोध केंद्र बनाने की अपील की, जो भारतीय सशस्त्र बलों की भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा कर सके।

इस समारोह में थलसेना अध्यक्ष जनरल दिराज सेठ, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, थलसेना उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, सर्जन वाइस एडमिरल अर्ति सारिन, एडजुटेंट जनरल लेफ्टिनेंट जनरल वीपीएस कौल, सेना चिकित्सा सेवा महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल सीजी मुरलीधरन, अतिरिक्त सचिव मनीष त्रिपाठी, कमान अस्पताल (सेंट्रल कमांड) के कमांडेंट मेजर जनरल आलोक भल्ला और कई अन्य वरिष्ठ सैन्य तथा सरकारी अधिकारी उपस्थित थे।

सैन्य चिकित्सा विभाग की स्थापना भारत सरकार की स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने, रक्षा तैयारी बढ़ाने और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक, तकनीक-सक्षम तथा परिचालन रूप से प्रासंगिक स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलने की दृष्टि के अनुरूप है। यह रक्षा रणनीति दृष्टि 2026-30 के तहत प्रस्तावित वैश्विक सैन्य चिकित्सा केंद्र के उद्देश्य को भी आगे बढ़ाता है।

Share This Article
Facebook Email Copy Link Print
ByNews Desk
Follow:
SSBCrack की संपादकीय टीम में अनुभवी पत्रकार, पेशेवर कंटेंट लेखक और समर्पित रक्षा अभ्यर्थी शामिल हैं, जिन्हें सैन्य मामलों, राष्ट्रीय सुरक्षा और भू-राजनीति का गहरा ज्ञान है।
Previous Article General Dhiraj Seth Interacting जनरल धीरज सेठ ने मणिपुर की सुरक्षा स्थिति, असम राइफल्स और रेड शील्ड डिवीजन की परिचालन तैयारी की समीक्षा की
Next Article Soldiers Using Guns जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में LoC के पास बारूदी सुरंग विस्फोट में दो सैन्यकर्मी घायल
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट न्यूज़
Lt Gen Sengupta Shaking Hands
लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने 39 गोरखा प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण और ड्रोन-आधारित युद्धक्षेत्र तैयारी की समीक्षा की
Lt Gen Sengupta and Other
लखनऊ का सूर्य स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स अब धन सिंह थापा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स नाम से जाना जाएगा
General Dhiraj Seth and Other Officers
जनरल धीरज सेठ ने नई दिल्ली में UN सैन्य शांति स्थापना पाठ्यक्रम में प्रशिक्षणरत ASEAN महिला अधिकारियों को सम्मानित किया
सुप्रीम कोर्ट ने शौर्य चक्र विजेता की विधवा को 26 साल की लड़ाई के बाद ₹10 लाख राहत दी
सुप्रीम कोर्ट ने शौर्य चक्र विजेता की विधवा को 26 साल की लड़ाई के बाद ₹10 लाख राहत दी
VAdm Sameer Saxena
वाइस एडमिरल समीर सक्सेना ने कोच्चि में अग्निवीरों के पहले बैच से की बातचीत, नवंबर 2026 में कार्यकाल पूरा होने से पहले
Maj Gen Sunil Kumar Razdan Legendary Paratrooper Passed Away
मेजर जनरल सुनिल कुमार राजदान, दिग्गज पैरा-ट्रूपर का निधन

You Might Also Like

Ex-Gorkha Soldiers Protest in Nepal, Demand Resumption of Recruitment Under Agnipath
डिफेन्स न्यूज़

नेपाल में पूर्व गोरखा सैनिकों का प्रदर्शन, अग्निपथ के तहत भर्ती फिर शुरू करने की मांग

August 13, 2026
Lt Gen Rajesh Pushkar Reviewing Smart Bike
डिफेन्स न्यूज़

लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने सिकंदराबाद में बाइसन डिविजन और TASA की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की

August 13, 2026
Squadron Leader Bhawana Kanth Becomes IAF’s First Woman Fighter Combat Leader, Felicitated by Air Chief Marshal AP Singh
डिफेन्स न्यूज़

स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत बनीं IAF की पहली महिला फाइटर कॉम्बैट लीडर, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने किया सम्मानित

August 13, 2026
Group Photo of Cadets
डिफेन्स न्यूज़

ओस्केमेन में कजाकिस्तान एनसीसी वाईईपी प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा, विरासत और प्रौद्योगिकी का किया अवलोकन

August 13, 2026

हमारे सोशल मीडिया पर जुड़ें

हम सोशल मीडिया का उपयोग ताज़ा खबरों पर प्रतिक्रिया देने, समर्थकों को अपडेट करने और महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने के लिए करते हैं।

Twitter Youtube Telegram Linkedin
SSBCrack Hindi
SSBCrack Hindi पर पढ़ें भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी हर ताज़ा खबर, भर्ती नोटिफिकेशन, परीक्षा अपडेट, SSB इंटरव्यू गाइड और डिफेंस करियर टिप्स – सब कुछ हिंदी में।
  • Contact Us
  • Copyright Policy
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
© SSBCrack Hindi. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?