एयर मार्शल विक्रम गौर को रक्षा मंत्रालय के सैन्य कार्य विभाग में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है। वह इस पद पर नियुक्त होने वाले भारतीय वायुसेना के पहले अधिकारी हैं। इससे पहले विभाग में अतिरिक्त सचिव का पद थलसेना और नौसेना के अधिकारियों के पास रहा है।
सैन्य कार्य विभाग का गठन रक्षा सुधारों के तहत जनवरी 2020 में हुआ था। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ इसके प्रमुख हैं और विभाग के सचिव की जिम्मेदारी भी संभालते हैं। विभाग तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और संयुक्त कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने तथा एकीकृत मुख्यालयों से जुड़े मामलों सहित अन्य संबंधित कार्यों के लिए जिम्मेदार है।
एयर मार्शल गौर को सुखोई-30 एमकेआई सहित विभिन्न लड़ाकू विमानों पर 3,200 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है। वह चार प्रकार के लड़ाकू विमानों पर अभियानगत उड़ान के लिए पूरी तरह योग्य हैं। वह योग्य फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर होने के साथ इंस्ट्रूमेंट रेटिंग इंस्ट्रक्टर और परीक्षक भी हैं। उन्हें सुखोई-30 एमकेआई पर कम ऊंचाई पर एरोबेटिक्स करने की भी अनुमति प्राप्त है।
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के 77वें कोर्स के पूर्व कैडेट गौर को 15 दिसंबर 1990 को 146वें कोर्स के तहत वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में पायलट के रूप में कमीशन मिला था। अपने सेवाकाल में उन्होंने कई कमान और स्टाफ पदों पर जिम्मेदारी संभाली है।
विंग कमांडर के पद पर रहते हुए उन्होंने नवंबर 2008 से दिसंबर 2010 तक पुणे स्थित नंबर 20 स्क्वाड्रन की कमान संभाली। यह सुखोई-30 एमकेआई की अग्रिम पंक्ति की इकाई है। उनके कार्यकाल में स्क्वाड्रन ने प्रशिक्षण और अभियानगत तैयारी के उच्च मानक हासिल किए। इस दौरान मानक संचालन प्रक्रियाएं तैयार की गईं, पहला हथियार प्रशिक्षण शिविर आयोजित हुआ और हवा से जमीन पर मार करने वाले हथियारों का मैदानी परीक्षण किया गया।
वह 2015 से 2018 तक अफगानिस्तान के काबुल स्थित भारतीय दूतावास में एयर अताशे रहे। उन्होंने ग्वालियर के महाराजपुर स्थित नंबर 40 विंग के एयर ऑफिसर कमांडिंग के रूप में भी सेवा दी। वायुसेना मुख्यालय में उनकी जिम्मेदारियों में एयर स्टाफ रिक्वायरमेंट्स और कमान, नियंत्रण, संचार, कंप्यूटर, खुफिया, निगरानी व टोही से जुड़े C4ISR क्षेत्र के स्टाफ पद शामिल रहे हैं।
एयर वाइस मार्शल के रूप में वह दिसंबर 2023 से अक्टूबर 2024 तक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के एयर ऑफिसर कमांडिंग रहे। इसके बाद अक्टूबर 2024 में उन्होंने सैन्य कार्य विभाग में संयुक्त सचिव (एयर एवं स्टाफ ड्यूटीज) की जिम्मेदारी संभाली। जुलाई 2026 में उन्हें एयर मार्शल के पद पर पदोन्नत किया गया।
एयर मार्शल गौर को 2013 में विशिष्ट सेवा पदक और 2021 में अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया। उन्हें 2003 में वायुसेना प्रमुख का प्रशस्ति पत्र भी मिला था। वह ऑपरेशन सफेद सागर में भाग ले चुके हैं और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज के पूर्व छात्र हैं।