भारतीय सेना ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को 80वां इन्फैंट्री दिवस मनाते हुए पैदल सेना के जवानों के साहस और बलिदान को नमन किया। शौर्य दिवस के रूप में भी मनाए जाने वाले इस अवसर पर सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और सेना के सभी रैंकों ने इन्फैंट्री के सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं।
इन्फैंट्री दिवस की शुरुआत स्वतंत्र भारत के पहले सैन्य अभियान की याद से जुड़ी है। 27 अक्टूबर 1947 को भारतीय वायु सेना के डकोटा विमानों से सिख रेजिमेंट की पहली बटालियन के सैनिकों को श्रीनगर के बडगाम हवाई क्षेत्र में उतारा गया था। इससे एक दिन पहले, 26 अक्टूबर को महाराजा हरि सिंह ने भारत में विलय के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे।
सैनिकों की त्वरित तैनाती से हवाई क्षेत्र सुरक्षित हुआ और ऑपरेशन गुलमर्ग के तहत आगे बढ़ रहे पाकिस्तान समर्थित कबायली हमलावरों को रोकने में मदद मिली। इस कार्रवाई ने श्रीनगर को उनके कब्जे में जाने से बचाया। जम्मू-कश्मीर की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने वाला यह अभियान स्वतंत्र भारत की पहली सैन्य कार्रवाई और नागरिक-सैन्य समन्वय की पहली जीत था।
यह दिन भारतीय सेना की सबसे बड़ी और प्रमुख लड़ाकू शाखा इन्फैंट्री तथा ‘नाम, नमक और निशान’ के मूल्यों को निभाने वाली सैनिकों की पीढ़ियों को समर्पित है। इन्फैंट्री को ‘युद्ध की रानी’ भी कहा जाता है। 1947 के अभियान के नायकों में मेजर सोमनाथ शर्मा, लेफ्टिनेंट कर्नल दीवान रंजीत राय और ब्रिगेडियर राजिंदर सिंह को विशेष रूप से याद किया जाता है। मेजर सोमनाथ शर्मा परमवीर चक्र के पहले प्राप्तकर्ता थे और उन्हें यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया था।
1947–48 के अभियानों से लेकर बाद के युद्धों, उग्रवाद-रोधी अभियानों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनाती तक, इन्फैंट्री भारतीय थल सेना की रीढ़ रही है। देशभर की सैन्य इकाइयों ने 80वें इन्फैंट्री दिवस पर श्रद्धांजलि और स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए।
इसी क्रम में टाइगर डिवीजन के अंतर्गत डोगरा रेजिमेंट की सातवीं बटालियन के सैनिकों ने 10 से 27 अक्टूबर 2026 तक 1,064 किलोमीटर का साइकिल अभियान चलाया। जम्मू के दमाना मिलिट्री स्टेशन से शुरू हुआ यह अभियान जम्मू, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के चुनौतीपूर्ण रास्तों से कुल्लू पहुंचा। इसके बाद दल ने 26 इन्फैंट्री डिवीजन के मुख्यालय की ओर वापसी की। यह अभियान इन्फैंट्री सैनिकों के बलिदान को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित किया गया था।
आर्मी ट्रेनिंग कमांड और स्पीयर कोर सहित सेना की विभिन्न कमानों और सैन्य संरचनाओं ने भी शुभकामना संदेश जारी किए। इनमें इन्फैंट्री की ऐतिहासिक भूमिका और पेशेवर दक्षता का उल्लेख किया गया। भारतीय वायु सेना ने भी 80वें शौर्य दिवस पर सेना के जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं।
हर वर्ष 27 अक्टूबर को मनाए जाने वाले इन्फैंट्री दिवस पर भारतीय सेना के आधिकारिक संदेश की थीम ‘इन्फैंट्री – द अल्टीमेट’ रही। इसमें सेना की युद्धक क्षमता में इन्फैंट्री की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित किया गया।