नई दिल्ली, 25 जुलाई 2026: पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, वाइस एडमिरल संजय भल्ला ने भारतीय सेना के नए प्रमुख बनने के बाद जनरल धीरज सेठ, सेनाध्यक्ष से भेंट की।
इस मुलाकात में दोनों वरिष्ठ सैन्य नेताओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रमुख रणनीतिक और संचालन संबंधी मुद्दों पर चर्चा की। बातचीत का विशेष केंद्र पूर्वी समुद्री तटरेखा के साथ भारत की रक्षा स्थिति को और मजबूत करना रहा।
चर्चा के दौरान पूर्वी समुद्री क्षेत्र में जारी समुद्री अभियानों और बदलते सुरक्षा परिवेश पर भी विचार-विमर्श हुआ। नेताओं ने क्षेत्र में सुरक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने के उपायों की समीक्षा की और समुद्री तथा तटीय क्षेत्रों में उभरती संचालनात्मक चुनौतियों पर ध्यान दिया।
बैठक का एक प्रमुख विषय भारतीय सेना और भारतीय नौसेना के बीच अंतर-सेवा सहयोग को बढ़ाना था। संयुक्त सैन्य अभियानों के बढ़ते महत्व को देखते हुए दोनों नेताओं ने घनिष्ठ समन्वय, निर्बाध सूचना साझाकरण और संयुक्त योजना की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि उभरते सुरक्षा खतरों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
इस बातचीत में संयुक्त संचालनात्मक तैयारी को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। माना गया कि सशस्त्र बलों को बहु-क्षेत्रीय समन्वित प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाए रखने के लिए सेवाओं के बीच अधिक तालमेल आवश्यक है। इससे भारत के समुद्री हितों की सुरक्षा, महत्वपूर्ण अवसंरचना की रक्षा और पारंपरिक तथा उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।
यह मुलाकात भारतीय सशस्त्र बलों के तीनों अंगों के बीच एकीकरण को बढ़ावा देने की निरंतर प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। थियेटर स्तर पर संचालनात्मक समन्वय और संयुक्तता की दिशा में यह प्रयास भारत की पूर्वी समुद्री सीमा की सुरक्षा और हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में मजबूत रक्षा स्थिति बनाए रखने की क्षमता को और सुदृढ़ करने वाला माना जा रहा है।
वाइस एडमिरल संजय भल्ला की सेनाध्यक्ष से यह शिष्टाचार भेंट अंतर-सेवा सहयोग, संचालनात्मक उत्कृष्टता और देश की बदलती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए एकीकृत दृष्टिकोण के प्रति भारतीय सशस्त्र बलों की प्रतिबद्धता को दोहराती है।