मुंबई, 28 अक्टूबर 2026: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आयकर निरीक्षक सुभाष कुमार यादव को कथित तौर पर 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने बेनामी संपत्ति से जुड़ा मामला बंद कराने के बदले यह रकम मांगी थी। यादव दक्षिण मुंबई के बल्लार्ड एस्टेट स्थित सिंधिया हाउस आयकर कार्यालय की जांच शाखा में तैनात थे।
सीबीआई के मुताबिक, मुंबई के एक व्यक्ति की शिकायत पर 27 अक्टूबर 2026 को यादव और अज्ञात अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई में लंबित मामला बंद कराने के लिए यादव ने पहले 20 लाख रुपये मांगे थे। बातचीत के बाद रकम 15 लाख रुपये तय हुई। कुछ रिपोर्टों में यादव का पदनाम जांच शाखा में डीडीआईटी भी बताया गया है।
द टाइम्स ऑफ इंडिया सहित अन्य रिपोर्टों के अनुसार, शिकायतकर्ता को फरवरी 2026 में आयकर विभाग का नोटिस मिला था। इसके बाद वह सिंधिया हाउस कार्यालय गया और यादव तथा एक अन्य आयकर निरीक्षक की मौजूदगी में एक वरिष्ठ अधिकारी को अपना स्पष्टीकरण दिया। उसे बाद में भी कई बार कार्यालय बुलाया गया। आरोप है कि ऐसी ही एक बैठक के बाद दोनों निरीक्षक उसे पास की सड़क किनारे चाय की दुकान पर ले गए और रिश्वत मांगी। रकम देने के बजाय शिकायतकर्ता ने सीबीआई से संपर्क किया।
सीबीआई ने 27 अक्टूबर को जाल बिछाकर यादव को शिकायतकर्ता से कथित तौर पर 15 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद उनके परिसरों की तलाशी में 11 लाख रुपये नकद और कथित आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए। जांच के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए।
यादव को 28 अक्टूबर को मुंबई की एक अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 30 अक्टूबर तक दो दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। अदालत ने कहा कि अन्य आरोपियों की भूमिका की विस्तृत जांच, डिजिटल उपकरणों की जांच और आवाज का नमूना लेने के लिए हिरासत जरूरी है। सीबीआई ने अदालत को बताया कि यादव जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे और रिश्वत की रकम तथा अन्य लोगों की संलिप्तता के बारे में टालमटोल वाले जवाब दे रहे थे।
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 में यादव का तबादला बेनामी निषेध इकाई-I से हुआ था। गिरफ्तारी के समय वह जांच शाखा में कार्यरत थे। सीबीआई उनके कामकाज और बेनामी इकाई से जुड़ी गोपनीय जानकारी तक उनकी पहुंच की जांच कर रही है। बरामद दस्तावेजों की पड़ताल और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की पहचान के प्रयास भी जारी हैं।
सीबीआई ने आधिकारिक बयान और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए गिरफ्तारी की पुष्टि की है। मामले की जांच जारी है और सभी आरोप न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं।