चंडीगढ़ पुलिस ने 42 वर्षीय सेना हवलदार की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। हवलदार ने आरोप लगाया है कि सेक्टर 26 स्थित हार्ड रॉक कैफे में एक बाउंसर और प्रबंधक ने उसके साथ मारपीट की, जिससे उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया। यह घटना बुधवार और गुरुवार की मध्यरात्रि के शुरुआती घंटों में हुई।
पुलिस के अनुसार, राजस्थान निवासी यह हवलदार सेना मुख्यालय में तैनात है। वह अपने दोस्तों के साथ कैफे गया था। उसके मुताबिक रात करीब 1 बजे से 2 बजे के बीच एक बाउंसर से उसका झगड़ा हुआ, जिसके बाद बाउंसर ने उसका गला पकड़ लिया और उसे परिसर से बाहर फेंक दिया।
हवलदार ने बताया कि शिकायत करने के लिए वह जब कैफे प्रबंधक के पास गया तो प्रबंधक ने उसके साथ अभद्रता की और हाथापाई की। उसके अनुसार, प्रबंधक ने बाउंसर को उसे धक्का देने को कहा, जिससे वह गिर गया और उसके हाथ में चोट लग गई।
इसके बाद उसे सेक्टर 16 स्थित सरकारी मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके हाथ में फ्रैक्चर की पुष्टि की। उसकी शिकायत के आधार पर सेक्टर 26 थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2) और 126(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
प्रबंधक और एक अज्ञात बाउंसर को आरोपी बनाया गया है, लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने जांच जारी होने की बात कही है।
यह शिकायत उस मामले के एक दिन बाद आई है, जिसमें उसी प्रतिष्ठान के प्रबंधन के खिलाफ अलग केस दर्ज किया गया था। उस मामले में रिपोर्टों के अनुसार मालिक विजय कांत और कुछ अज्ञात लोगों पर एक पूर्व निजी सुरक्षा अधिकारी को अगवा करने, अवैध रूप से बंधक बनाने और मारपीट करने के आरोप लगे थे।
यह मामला वेतन विवाद से जुड़ा बताया गया था। उसमें भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था, जिनमें चोट पहुंचाने, अवैध रूप से बंधक बनाने, अपहरण और आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।
पुलिस ने नई कार्रवाई की पुष्टि के अलावा कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है। इस स्तर पर शिकायत का मुख्य आधार सेना हवलदार का बयान ही है। जांच आगे बढ़ने के साथ कैफे में लगे सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी।